तहसीलदार हनुमंत श्याम ने दिखाई संवेदनशीलता अब बहुरेंगे आशाराम करीयाम के दिन।

बालोद सजग प्रहरी।
बालोद जिले के ग्राम खुदनी निवासी आशाराम करीयाम टूटे फूटे जर्जर मकान में बेहद ही मुफलिसी की जिंदगी जी रहे है। उनकी मुफलिसी देखकर गुरूर तहसीलदार हनुमंत श्याम से रहा नहीं गया और स्वयं चलकर उनके आशियाना का मुआयना किया तथा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को प्रकरण तैयार कर आशा राम करीयाम को आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु निर्देशित किया।
तहसीलदार हनुमंत श्याम जी के इस संवेदनशीलता की लोगो ने भूरी भूरी प्रशंसा की, वहीं आशा राम करीयाम ने उन्हें साधुवाद ज्ञापित किया। आशा राम करीयाम ने बताया कि अभी उन्हें शासन की ओर से प्रति माह दस किलो चावल सहित नमक एवं शक्कर प्रदान किया जा रहा है तथा प्रति माह पांच सौ रुपए निराश्रित पेंशन भी मिल रहा है जिससे उनकी जिंदगी चल रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उन्हें नही मिल पाया है फलस्वरूप टूटे फूटे मकान में ही गुजारा करने विवश है चूंकि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है जिसके कारण वे स्वयं बिना किसी सहायता के पक्का मकान बनाने में असमर्थ हैं। तहसीलदार महोदय ने उन्हें आश्वस्त किया कि नियमानुसार शासन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का लाभ हर एक पात्र हितग्राहियों को समयानुसार प्रदान किया जाएगा।
इस दौरान तहसीलदार हनुमंत श्याम जी ने कहा कि शासन की समस्त योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे उनका उद्देश्य है तथा उपरोक्त के संबंध में वे हमेशा संवेदनशील रहते हैं।
