संयुक्त पुलिस परिवार अपने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की हितों की रक्षा के लिए मैदान में उतरने को है तैयार – उज्जवल दीवान
नायब तहसील पुष्पराज मिश्रा का अक्सर विवादों से रिश्ता बताया जा रहा है।

बालोद (सजग प्रहरी)। संयुक्त पुलिस परिवार के संयोजक उज्जवल दीवान ने बिलासपुर जिले में हुई घटना की निंदा करते हुए कड़े शब्दों में कनिष्ठ अधिकारी–कर्मचारी संगठन को चेतावनी दी है कि जो नियमतः करवाई है उसे होने दे, अपने अधिकारों एवं संगठन का ताकत दिखाकर अपने पद का दुरुपयोग ना करें।उन्होंने कहा कि इस बार अगर पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारीयों को जबरदस्ती निलंबित कराने और उन पर गलत ढंग से कार्यवाही करवाने का नायाब तहसीलदार संघ दबाव बनाएगा तो संयुक्त पुलिस परिवार भी कनिष्ठ अधिकारी कर्मचारी संघ के खिलाफ मैदान में उतरने के लिए तैयार है। चूंकि बात पुलिस विभाग के ईमानदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हक की है, जो 24 घंटे दिन रात जनता की सेवा में तत्पर लगे रहते हैं। फिर भी यदि अच्छा काम करने के बाद भी अगर उन पर दबाव बनाकर उन्हें निलंबित किया गया या उन्हें कार्य करने से रोका गया, तो अब बिलकुल ऐसा नहीं होगा। चूंकि संयुक्त पुलिस परिवार संगठन लगातर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए लड़ने को तैयार है और आगे लड़ाई लड़ता रहेगा।

अवगत हो कि दरअसल मामला दिनांक 16/11/2024 को थाना सरकंडा, जिला बिलासपुर में रात्रि गश्त के दौरान ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मी संदिग्ध व्यक्तियों को चेक कर रहे थे, इसी दौरान रात्रि लगभग दो बजे करपाबन्ड में पदस्थ नायब तहसील पुष्पराज मिश्रा मोटरसाइकिल में तीन सवारी आ रहे थे। पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें पूछताछ के लिए रोका तो वे अपने पद एवं पावर का रुतबा दिखाते हुए पुलिस वालों से उलझ गए, पुलिस वालों ने भी पेट्रोलिंग गाड़ी बुलाकर नियमतः कार्यवाही करते हुए उन्हें थाने लेकर गए तथा विधि संगत कारवाही भी किया। जिससे बौखलाकर नायब तहसील पुष्पराज मिश्रा ने अपने संगठन को उक्त घटना की जानकारी दी। फिर क्या था कनिष्ठ अधिकारी कर्मचारी संगठन उक्त मामले को लेकर प्रतिष्ठा का सवाल बना डाला तथा ईमानदारी पूर्वक कार्य करने वाले पुलिस वालों पर अनुचित कारवाही करवाने हेतु कार्यबंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं। जो कि नियम विपरीत है।
विदित हो कि नायब तहसील पुष्पराज मिश्रा पर पूर्व में भी अपने पद एवं पावर का धौंस दिखाने तथा आम जनता के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप बताया जा रहा है। जिससे ऐसा लगने लगा है कि वे संविधान एवं कानून कायदे को अपने बाप की बपौती जागीर समझने लगे है।
