स्वास्थ्य विभाग भर्ती में अनियमितता की शिकायत कलेक्टर, एमडी एनएचएम व प्रमुख सचिव तक की गई लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।

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आरोप – डीटीसी संविदा के सामने सभी नतमस्तक, कार्यवाही करने में कांपने लगे हैं हाथ।

धमतरी (सजग प्रहरी)।    प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री बिष्णु देव साय जी लगातार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही का मुहिम छेड़े हुए बताए जा रहे हैं ताकि प्रदेश में योग्य अभ्यर्थीयों को रोजगार मिल सके तथा प्रदेश भ्रष्टाचारियो से मुक्त हो। लेकिन आरोप है कि धमतरी का स्वास्थ्य विभाग इस विषय पर गंभीर नहीं है, बल्कि लगातार भर्ती में अनियमितता, कोरोना वारियर्स को बोनस अंक न देना सहित नियुक्ति आदेश में न्यायालय का फर्जी आदेश का उल्लेख का मामला सामने आने की भी बात बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के रा.स्वा.मि. जिला धमतरी अंतर्गत 15 वें वित आयोग शहरी क्षेत्र एवं एनएचएम के तहत वर्ष 2022 में भर्ती हुआ था, इस संबंध में सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत शिकायत कर्ता के द्वारा जानकारी निकाले जाने से प्रतीत हो रहा है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता करते हुए मनमाने तरीके से अनुभव अंक जोड़कर मेरिट सूची में अभ्यर्थी को लाया गया है। वहीं दूसरे मामले में रा.स्वा.मि. के मानव संसाधन नीति 2018 के अनुसार प्रतिक्षा सूची एक वर्ष तक वैध रहता है, इसके बावजूद प्रा.स्वा.केन्द्र केरेगांव में जुनियर सेक्रट्रियल असिस्टेंट एनएचएम के पद पर वैध प्रतिक्षा सूची होने के बाद भी अन्य मद 15 वें वित आयोग शहरी के प्रतिक्षा सूची के उम्मीदवार से पद पर नियुक्ति दी गई है जो कि अवैध है। जबकि 15 वें वित्त आयोग शहरी के लिए भर्ती निकला था जिसमें रिक्त पदो का भर्ती किया जाना था। अवगत हो कि रा.स्वा.मि. के प्रतिक्षा सूची से समान पद के लिए रिक्त पदों पर वैध प्रतिक्षा सूची से भर्ती करने का प्रावधान है। तत्संबंध में  सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार संविदा भर्ती एवं प्रतिक्षण के लिए जिला स्तर पर पदस्थ संविदा प्रबंधक जिला प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन की है जिसकी प्रभारी श्रीमति मधु तिवारी है। विदित हो कि सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी का अवलोकन के पश्चात् जनवरी 2023 में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग छ.ग., संचालक स्वास्थ्य सेवायें एवं मिशन संचालक रा.स्वा.मि. छ.ग. के समक्ष समस्त साक्ष्यों के साथ कार्यवाही हेतु लिखित शिकायत किया गया। इस अनियमितता के लिए पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. देवेन्द्र कुमार तुर्रे, पूर्व डीपीएम एनएचएम राजीव बघेल के साथ चयन समिति की भूमिका संदेहात्मक बताया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि शिकायत का संज्ञान मिशन संचालक रा.स्वा.मि. छ.ग. द्वारा फरवरी 2023 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य धमतरी के नाम पत्र जारी कर 7 दिवस के भीतर जांच कर कार्यवाही की जानकारी प्रेषित करने का निर्देश दिया गया था किंतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी धमतरी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया। तत्पश्चात तीन से अधिक बार मिशन संचालक से स्मरण पत्र भी जारी किया जा चुका है बाउजूद इन्हें  कोई असर नहीं पड़ रहा है। वर्तमान में पदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला धमतरी डा. यू.एल. कौशिक के समक्ष मिशन संचालक छ.ग. के पत्रों का हवाला देकर अतिशीघ्र जांच करने का निवेदन किया जा चुका है। वर्तमान में रा.स्वा.मि. जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन जिनके ऊपर भर्ती में अनियमितता का शिकायत है उन पर कार्यवाही न करके उन्हीं से भर्ती संबंधी कार्य कराये जाने से निष्पक्ष भर्ती न होने तथा योग्य अभ्यर्थी के चयन न होने का संदेह व्याप्त है। चूंकि जिन्हें नियम विरूद्ध कार्य करने की आदत पड़ गई हो उनसे भर्ती संबंधी कार्य पर विश्वास नहीं किया जा सकता।  स्मरण रहे कि इस संबंध में कलेक्टर को भी जनदर्शन के माध्यम से अवगत कराया गया है। कार्यवाही नहीं होने के कारण ऐसे लोगो का हौसला बुलंद होता है तथा अनियमितता जारी रहती है  जिसका खामियाजा अभ्यर्थी को भुगतना पड़ता है।
आरोप है कि डीटीसी द्वारा सी.आर. खराब कर नौकरी से निकालने की धमकी तथा मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकते, जो करना है कर लो, जैसे धमकी तो आम बात हो गई है। शिकायत कर्ता का आरोप है कि इनके व्यवहार देखकर लगता है कि कोई भी उच्च अधिकारी डीटीसी मधु तिवारी के विरूद्ध कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे और कोई कार्यवाही नहीं होने से ऐसा प्रतीत होने लगा है कि डा.यू.एल. कौशिक संविदा डीटीसी के सामने नतमस्तक है तथा कार्यवाही करने के लिए इनके हाथ कांपने लगे हैं।

शिकायत कर्ताओं को अब प्रदेश के मुखिया से ही उम्मीद है कि इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेकर डीटीसी मधु तिवारी के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करे तथा डा. यू.एल.कौशिक को भी तत्काल पद से हटा देना चाहिए जो भ्रष्टाचारियों का संरक्षण कर कर प्रदेश के मुखिया के मंशा के विपरित कार्य कर रहे है तथा सरकार को बदनाम करने का प्रयत्न कर रहे हैं।

 

 

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