न्यायालय ने पत्रकार कृष्णा गंजीर को किया सभी मामलों में दोषमुक्त।

0
Share this news

कांग्रेस शासन काल में क्षेत्रीय विधायक के सरपरस्ती में दर्ज किए गए थे लगातार तीन झूठे मुकदमे।

तीनों मामलों में न्यायालय ने पत्रकार कृष्णा गंजीर को किया दोषमुक्त।

बालोद/ सजग प्रहरी/24 फरवरी 2025

बालोद जिले के गुरूर विकास खण्ड अंतर्गत हाई स्कूल मोखा विकास खण्ड गुरूर, जिला बालोद के तत्कालीन व्याख्याता राधा रमण वारदे वर्तमान पदस्थापना हाई स्कूल बासीन, निवासी ग्राम सोनई डोंगरी को अय्याश किस्म के लंपट व्यक्ति बताया जाता है जिनके द्वारा प्राचार्य के बिना अनुमति एवं पालकों के बिना सहमति के स्कूली छात्राओं को अपनी निजी वाहन में बिठाकर अन्यत्र  बाहर ले जाकर उनका हाथ पकड़कर पिकनिक मनाने का मामला खूब सुर्खियों में था तथा सोशल मीडिया में भी खूब बवाल काटा था।

इसके पूर्व हाई स्कूल मोखा में ही पदस्थ शिक्षक कैलाश कुमार के द्वारा एक स्कूली छात्रा के नोटबुक में रुपए रखकर उनके साथ अश्लील हरकत करने के आरोप के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। उक्त मामले में राधारमण वारदे पर घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले को जानबूझकर दबाने का भी लगा था आरोप तथा मामले में जिला शिक्षा अधिकारी बालोद ने उन पर विभागीय कार्यवाही भी किया था।


उपरोक्त मामले में समाचार प्रकाशित करने के चलते राधारमण वारदे पत्रकार कृष्णा गंजीर से दुर्भावना रखता था तथा स्थानीय विधायक से अपने करीबी संबंध होने का नाजायज फायदा उठाकर अपने काले कारनामों पर पर्दा डालने मनगढ़ंत झूठे मामले गढ़कर अपनी शिक्षिका पत्नी श्रीमती लक्ष्मी वारदे जो कि हाई स्कूल बासीन में पदस्थ है से झूठी गवाही दिलवाकर पत्रकार कृष्णा गंजीर के खिलाफ साजिश रचा गया तथा कांग्रेस शासन काल में क्षेत्रीय विधायक के सरपरस्ती में पत्रकार कृष्णा गंजीर के खिलाफ धमकी देकर रकम उगाही सहित पॉक्सो की धारा लगावाकर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार अधिनियम जोड़कर झूठा मामला थाने में दर्ज किया गया तथा गुरूर पुलिस के द्वारा राजनीतिक दबाव में झूठे मामले में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में मामला चलाया गया जहां पर पत्रकार कृष्णा गंजीर के अधिवक्ता श्री टी एल सोनवानी ने न्यायालय के समक्ष विधि सम्मत तर्क एवं सच्चाई प्रस्तुत कर प्रकरण को राजनीतिक साजिश के तहत दुर्भावना पूर्वक पत्रकार कृष्णा गंजीर को प्रताड़ित करने तथा उनके मान सम्मान को धूमिल करने की साजिश निरूपित करते हुए लगाए गए आरोपों से दोष मुक्त करने का अनुरोध किया। इस प्रकरण में शासन की ओर से छन्नू राम साहू ने पैरवी किया। प्रकरण अवलोकन पश्चात माननीय न्यायालय ने मामले में निर्णय देते हुए पत्रकार कृष्णा गंजीर पर लगाए गए सारे आरोपों को खारिज कर उन्हें दोष मुक्त करार दिया।

असल मामला क्या है 
छत्तीसगढ़ प्रदेश में कांग्रेस के शासन काल के दौरान बालोद जिले में भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी अपने चरम पर रहा। भ्रष्टाचार का आलम यह था कि जब पूरी दुनिया कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से जूझ रहा था तब बालोद जिले के संजारी बालोद विधान सभा क्षेत्र में सत्ता सरकार के संरक्षण में भ्रष्ट लोगों के द्वारा आपदा में अवसर तलाशकर पांच रुपए में बिकने वाली गुड़ाखू को जमाखोरी कर सत्तर से अस्सी रुपए में बेचकर आम उपभोक्ताओं के साथ खूब लूटपाट किया गया। इसी प्रकार राजस्व विभाग में पदस्थ अधिकांश अधिकारी –कर्मचारी भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा रहा तथा आम किसान लगातार लूटता रहा। कांग्रेस शासन काल में निर्लज्जता इस कदर हावी था कि भगवान का स्वरूप माने जाने वाले गुरु (शिक्षक) ही अपने  शिष्याओं (छात्राओं) के ऊपर बुरी नजर रखने लगा था। कांग्रेस पार्टी के तत्कालीन ब्लाक अध्यक्ष जिसे पेशे से डॉक्टर बताया जाता है ने उनके क्लिनिक में ईलाज कराने गई एक अनुसूचित जाति के कॉलेज गर्ल के गुप्तांग में बदनीयती से जबरन ऊंगली घुसेड़ दिया। इसी प्रकार पूरे संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र में  अवैध शराब की बिक्री, अवैध सट्टापट्टी का खेल, अवैध मुरूम, पत्थर, रेत का उत्खनन बेखौफ चलता रहा। जिस किसी ने भी उपरोक्त अवैध कारोबार या कारनामों के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश किया सत्ता सरकार के संरक्षण में कुचलने का प्रयास किया गया।

जिले के कई पत्रकार रहे निशाने पर
कांग्रेस शासन काल में उपरोक्त के अलावा और कई काले कारोबार व कारनामों के संबंध में समाचार प्रकाशित करने वाले पत्रकारों में कृष्णा गंजीर के अलावा अमित मंडावी तथा विनोद नेताम के खिलाफ भी झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित,अपमानित किया गया। यहां तक कि विधायक पति के गुंडों के द्वारा पत्रकार विनोद नेताम का अपहरण कर मारपीट तक किया गया। तथा उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचाकर उनके छवि को धूमिल करने का भरपूर प्रयास किया गया। वहीं कुछ पत्रकारों के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कर महीनों जेल के सलाखों में बंद रखा गया था जिनमें भी न्यायालय ने पत्रकारों को दोष मुक्त करार दिया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों