पत्रकार कृष्णा गंजीर ने भेजा भ्रष्ट पटवारी पोषण गंगासागर को एक करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस।

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भ्रष्ट पटवारी पोषण गंगासागर ने पत्रकार कृष्णा गंजीर एवं अमित मंडावी के खिलाफ दर्ज करवाया था झूठा रिपोर्ट।

न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री टी एल सोनवानी ने भ्रष्ट पटवारी पोषण गंगासागर एवं पुलिस अधिकारी भुजबल साहू की उधेड़ी बखिया।

बालोद सजग प्रहरी/ 04 मार्च 2025

जिले के वरिष्ठ पत्रकार कृष्णा गंजीर ने भेजा भ्रष्ट पटवारी पोषण लाल गंगासागर के खिलाफ मानहानि का नोटिस।

तहसील कार्यालय गुरूर के राजस्व विभाग में पदस्थ पटवारी पोषण लाल गंगासागर का पेंडरवानी के किसान नकुल राम पटेल से रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। तथा कई समाचार पत्र एवं न्यूज पोर्टलों में खबर भी प्रकाशित हुआ था जिससे बौखलाए भ्रष्टाचार में लिप्त पटवारी पोषण लाल गंगासागर ने मामले में सवाल पूछने पर अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार को छुपाने उल्टे पत्रकार कृष्णा गंजीर एवं अमित मंडावी पर ही झूठा आरोप लगाकर राजनीतिक संरक्षण के चलते समाचार छापने की धमकी देकर उनसे रुपए उगाही करने का झूठा मामला थाने में दर्ज कराया था। पत्रकारों पर लगाए गए झूठे आरोप को न्यायालय में विचारण के दौरान पटवारी पोषण लाल गंगासागर ने प्रमाणित नही कर सका फलस्वरूप न्यायालय ने पोषण लाल गंगासागर के दावों एवं लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए पत्रकार कृष्णा गंजीर एवं अमित मंडावी को समस्त आरोपों से दोषमुक्त करार दिया है। मामले में पत्रकार कृष्णा गंजीर एवं अमित मंडावी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री टी एल सोनवानी ने पैरवी करते हुए पटवारी पोषण लाल गंगासागर एवं गुरूर पुलिस की उधेड़ दिया बखिया।

भ्रष्ट पटवारी पोषण लाल गंगासागर पर लगे हैं भ्रष्टाचार कर साजिश करने का गंभीर आरोप।

यह कि ग्राम पेंडरवानी के किसान नकुल राम पटेल ने ग्राम के ही महेन्द्र कुमार से 18 लाख रुपए में जमीन खरीदा था लेकिन उक्त जमीन की रजिस्ट्री में टैक्स चोरी करने की नियत से नकुल राम पटेल एवं पटवारी पोषण लाल गंगासागर ने उक्त जमीन को 11लाख रुपए में खरीदना बताकर रजिस्ट्री के समय शासन के साथ धोखाधड़ी कर टैक्स चोरी किया है। उपरोक्त तथ्यों को मामले में गवाह नकुल राम पटेल ने न्यायालय में स्वीकार भी किया है। उक्त धोखाधड़ी एवं टैक्स चोरी में अपनी सहभागिता निभाने तथा प्रमाणीकरण एवं ऋण पुस्तिका बनाने के एवज में पटवारी पोषण लाल गंगासागर ने किसान नकुल राम पटेल से गीता होटल गुरूर में लिया था रिश्वत। जिसका मीडिया कर्मी श्रीमती सुनीता साहू ने वीडियो बना लिया था जिसकी स्वीकारोक्ति पोषण गंगासागर ने न्यायालय में किया है। उक्त वीडियो में रिश्वत लेते हुए रिकॉर्ड किए गए वीडियो को वायरल नहीं करने के एवज में पोषण गंगासागर ने मीडिया कर्मी श्रीमती सुनीता साहू एवं उनके सहयोगी दीपक देवदास को मोटी रकम दिए जाने की भी खूब चर्चाएं थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वीडियो वायरल नहीं करने के एवज में मिले रकम से सुनीता साहू एवं  दीपक देवदास संतुष्ट नहीं थे तथा पोषण गंगासागर से और रुपयों की मांग कर रहे थे, लेकिन पोषण गंगासागर ने दिए गए रुपए के अलावा और ज्यादा रुपए देने में असमर्थता जता दिया। फलस्वरूप सुनीता साहू ने उक्त वीडियो वायरल कर दिया। वायरल वीडियो के आधार पर जिले के पत्रकारों के द्वारा समाचार प्रकाशित करने पर पोषण गंगासागर हड़बड़ा गए तथा भयभीत होकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में पहुंचकर पूरी कहानी बयां कर अभयदान की याचना करने लगे जहां पर पटवारी पोषण गंगासागर ने मीडिया कर्मी श्रीमती सुनीता साहू, दीपक देवदास एवं स्थानीय कांग्रेस नेताओं के साथ कपट संधीकर पत्रकार कृष्णा गंजीर के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित होने के चलते समाचार छापने की धमकी देकर रुपए उगाही का झूठा मनगढ़ंत कहानी गढ़कर राजनीतिक संरक्षण में झूठा रिपोर्ट दर्ज करवाया था जिसे न्यायालय ने विचारण उपरांत मामले को ख़ारिजकर दिया है। उपरोक्त मामले में अब प्रशासन को स्वतःसंज्ञान लेकर निष्पक्ष जांचकर भ्रष्ट पटवारी पोषण गंगासागर एवं  साजिश में शामिल लोगों सहित मामले में जांच कर रहे सहायक उप निरीक्षक भुजबल साहू के खिलाफ भी उचित कानूनी एवं विभागीय कार्यवाही किया जाना चाहिए।

राजनीतिक संरक्षण में पटवारी पोषण गंगासागर के  द्वारा पत्रकार कृष्णा गंजीर को बदनाम करने की नियत से रचा गया था साजिश।

बालोद जिले के गुरूर विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम पेरपार–पेंडरवानी में हल्का पटवारी के पद पर कार्यरत पोषण गंगासागर ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप से बचने के लिए राजनीतिक संरक्षण के चलते भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने तथा मामले  में सवाल पूछने वाले पत्रकारों के ही खिलाफ झूठा रिपोर्ट दर्ज करवा दिया था। वहीं राजनीतिक रसूखदारों के इशारे पर मुजरा करने वाली गुरूर पुलिस भी उस झूठे शिकायत की बिना पड़ताल किए ही पत्रकार कृष्णा गंजीर एवं अमित मंडावी को गिरफ्तार कर झूठे मामले में जेल भेज दिया था, जहां पर पत्रकारों को निर्दोष होते हुए भी पांच महीने तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा था। हालांकि न्यायालय ने पत्रकार कृष्णा गंजीर एवं अमित मंडावी को मामले में दोषमुक्त करार दे दिया है। इस झूठे मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी भानुप्रताप साव एवं सहायक उप निरीक्षक भुजबल साहू ने भड़वागिरी करते हुए खूब दिलचस्पी दिखाई थी। अब मामले में बरी होने के बाद पत्रकार कृष्णा गंजीर ने भ्रष्ट पटवारी पोषण गंगासागर के खिलाफ ठोका है मानहानि का मुकदमा।

 

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