बजट पर प्रतिक्रिया: छत्तीसगढ़ सरकार के बजट में बालोद जिले के लिए कुछ भी नहीं–आम आदमी पार्टी

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ओ पी चौधरी जी भूल गए बालोद जिले को – दीपक आरदे (“आप वरिष्ठ नेता)

लबरा सरकार के झुनझुना बजट :- पंकज जैन “आप” जिला मीडिया प्रभारी

बालोद – आप नेता दीपक आरदे ने कहा कि बालोद जिला में गति के माध्यम से बालोद में प्रगति लाने का बजट नहीं रहा है,गति (GATI) में जी का मतलब है – सुशासन (Good Governance), ए का मतलब है – त्वरित अवसंरचना (Accelerated Infrastructure), टी का मतलब है – प्रौद्योगिकी (Technology) और आई का मतलब है – औद्योगिक विकास (Industrial Growth) और जब हम इन बिंदुओं पर ध्यान देंगे तभी तीव्र आर्थिक विकास संभव होगा.”।

वित मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इस बजट को झुनझुना बजट करार देते हुए कहा कि बालोद जिले में न ही मेडिकल कॉलेज,न ही स्वास्थ संबंधित कोई सुविधाएं,न ही डीएड बीएड के लिए कोई बेहतर कॉलेज,न ही नए अस्पताल,न ही युवाओं को रोजगार संबंधित कोई भी बजट पेश नहीं किया गया। उन्होंने आगे कहा कि शायद ओपी चौधरी जी भूल गए है कि छत्तीसगढ़ राज्य में बालोद नामक जिला है जहां से खनिज न्यास का अत्यधिक कंटीब्यूशन छत्तीसगढ़ शासन अर्जित करती है,और उसका एक भी पैसा छत्तीसगढ़ बजट में बालोद जिला के लिए खर्च नहीं किया गया।

 

आम आदमी पार्टी बालोद जिला मीडिया प्रभारी पंकज जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साय सरकार का बजट बहुत ही निराशाजनक रहा, पढ़े लिखे युवा पूर्व आई. ए .एस. ओ. पी. चौधरी द्वारा युवाओं के साथ छल किया गया। नई नौकरियों की कोई बात नहीं हुई, 57000 शिक्षकों की भर्ती की कोई बात नहीं हुई,  बेरोजगारों के लिए बेरोजगारी भत्ता की कोई बात नहीं, गैस सिलेंडर 500 जुमला साबित हो रहा है , खनन निगरानी सेल का क्या हुआ? विश्व स्तरीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना का क्या हुआ? हर 03 ग्राम पंचायत में धान उपार्जन केंद्र की स्थापना का क्या हुआ? प्रत्येक जनजातिय परिवार को 02 बकरी मिली क्या? रानी दुर्गावती योजना के तहत 01लाख 50 हजार बीपीएल परिवार की बच्चियों के जन्म पर आश्वाशन प्रमाण पत्र का क्या हुआ?  हर ब्लॉक में डायलिसिस सेंटर की स्थापना हुई क्या?  हर वरिष्ट नागरिक का फुल बॉडी चेकअप निशुल्क हुआ क्या?  सहायक शिक्षकों का वेतन विसंगति दूर हुआ क्या?  ठेके वाले कर्मचारियों का नियमितीकरण हुआ क्या? कुल मिलाकर खोखला बजट है, उच्च शिक्षा का हाल बेहाल है।

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