मनमानी– क्षेत्रीय पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र में बिना टेण्डर के मेस का किया जा रहा है संचालन।

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कुरूद /सजग प्रहरी।   क्षेत्रीय पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र कुरूद अपने आप में भंडार क्रय नियम का क्रियान्वयन करने वाला विभाग प्रतीत होता है। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत क्षेत्रीय पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र कुरूद में भोजन प्रदाय किये जाने के संबंध में मंगाये गये टेण्डर के संबंध में जानकारी चाही गई थी। जिसमें इस विभाग द्वारा निविदा के लिये किसी प्रकार की प्रक्रिया करने की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। विभाग द्वारा दिये जानकारी में कई दस्तावेज ऐसे है जो सूचना के अधिकार लगने के बाद बनाया गया प्रतीत हो रहा है।


लंबे समय से इस विभाग में जमे एक अधिकारी का करतूत इतना भ्रष्ट लग रहा कि दिये गये कई जानकारी में दिनांक तक अंकित नहीं है जिसमें विभाग का नोटशीट में ना ही दिनांक है, और ना  ही किसी कार्य के लिये नोटशीट बनाया गया है, ना ही उसका विषय है। समूह द्वारा दिये पत्र में दिनांक अंकित नहीं है, विभाग द्वारा जारी नियम शर्त में समूह का सील मुहर व हस्ताक्षर होना, संचालित समूह से कोई अमानत राशि न लेना, स्टॉम में किये इकरारनामा में दिनांक अंकित नहीं है। इस प्रकार से संस्था द्वारा कई प्रकार के लापरवाही भोजन के टेण्डर के नाम से किया गया है। विभाग द्वारा कभी कोई टेण्डर कोटेशन नहीं किया गया है, अपने निजी लाभ व एक समूह को लाभ देने के उद्देश्य से इस संस्था द्वारा एक ही समूह को भण्डार क्रय नियम को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। इस विभाग के अधिकारियों द्वारा इस प्रकार के लापरवाही पूर्वक कार्य कर मोदी की गारंटी और विष्णु के सुशासन को बहुत ही अच्छे तरिके से तब्बजो दिया जा रहा है। जिसके लिये इस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को राष्ट्रपति एवं राज्यपाल पुरूस्कार से नवाजा जाना चाहिए ।

बताया जाता है कि इस विभाग में बैंठे एक अधिकारी इतना निडर है कि बिना टेण्डर के एक समूह को कई वर्षो के लिये यहा का काम दे दिया गया है और समूह से दस्तावेज के नाम पर समिति का पंजीयन और एक पत्र मात्र जमा करवाया गया है। बाकि विभाग में होने वाले टेण्डर समाचार पत्र में प्रकाशित होता है और भण्डार क्रय नियम का कुछ हद तक पालन किया जाता है। लेकिन शासन के महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह से भ्रष्टाचार सीधे सरकार और आमजन को चुनौती दे रहा है । शासन को चाहिए कि जिन अधिकारियों द्वारा इस प्रकार से लापरवाही किया गया है उनके उपर जॉच बैठाकर जितना भुगतान भोजन के नाम पर किया गया है उसकी वसूली उस अधिकारी से करना चाहिये ताकि उस जिम्मेदार अधिकारी के लापरवाही की सजा और शासन को हुये नुकसान कि भरपाई हो सके ।

 

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