भूमाफियाओं के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में अनिश्चित कालीन भूमकाल हुंकार भूख हड़ताल का आगाज।
जिला प्रशासन पर आदिवासियों की उपेक्षा एवं नियमों की अनदेखी कर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का लगा आरोप।
रसूखदारों के द्वारा कालाधन को सफेद करने बीपीएल श्रेणी के मनरेगा मजदूर आदिवासी गरीब लोगों के नाम पर खरीदा करोड़ों की संपत्ति
बालोद/सजग प्रहरी/26 मार्च 2025
बालोद जिले में प्रशासनिक संरक्षण में आदिवासियों की जमीन को भूमाफियाओं के द्वारा नियम विपरित कब्जा कर गैर आदिवासी लोगों के नाम पर हस्तांतरण करने की साजिश के खिलाफ छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में ग्राम कर्रेझर के आदिवासी समाज दिनांक 26 मार्च से नेशनल हाईवे 30, राजा राव पठार वीर मेला स्थल पर शहिद वीर नारायणसिंह के प्रतिमा के नीचे भूमकाल हुंकार का आगाज करते हुए अनिश्चित काल के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
भूख हड़ताल की पूर्व सूचना अनुसार प्रशासन के लोग दिन भर पुलिस बल के साथ भूख हड़ताल आंदोलन स्थल पर डटे रहे तथा दिनभर प्रशासनिक अधिकारी घटना की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देते रहे। शाम को लगभग 4.30 बजे अनुविभागीय अधिकारी गुरूर श्रीमती प्राची ठाकुर , तहसीलदार हनुमंत श्याम, नायब तहसीलदार सिन्हा आंदोलनकरियों से चर्चा करने आंदोलन स्थल पर पहुंचे लेकिन आंदोलनकरियों एवं प्रशासन के बीच वार्ता विफल रहा तथा आंदोलनकरियों ने भूख हड़ताल अनिश्चित काल के लिए जारी रखने की घोषणा कर आंदोलन स्थल पर “लड़ेंगे जीतेंगे” की नारा बुलंद करते हुए डटे हुए हैं।
प्राप्त जानकारी अनुसार बालोद जिला के 16 भोले भाले आदिवासी किसानों के 52 एकड़ जमीन को गैर आदिवासी रसूखदार तथा भूमाफियाओं के द्वारा शासन प्रशासन के आंखों में धूल झोंककर मनरेगा मजदूर गरीब आदिवासी महिला, पुरुषों के नाम पर खरीदीकर शासन से आदिवासियों को मिलने वाली अनुदान एवं अन्य सुविधाएं स्वयं उपभोगकर शासन के साथ धोखाधड़ी किया जा रहा है। वहीं गरीब आदिवासियों के हक अधिकार पर डाका डाला जा रहा है। मामले की शिकायत आदिवासी समाज के द्वारा 01 जुलाई 2024 को कलेक्टर बालोद को लिखित रूप में आवेदन के माध्यम से किया गया था लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा मामले में निष्क्रियता बरतते हुए आदिवासियों की मांग तथा उपरोक्त के संबंध में संविधान में उल्लेखित नियमों की अनदेखी करने से क्षुब्ध होकर ग्राम कर्रेझर के आदिवासी समाज अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारी विनोद नागवंशी, सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष बी एस रावटे, छत्तीसगढ़ गोंडवाना महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेंदी राम गंगराले, गोंडवाना आदिवासी समाज के बालोद जिला अध्यक्ष प्रेमलाल कुंजाम, धमतरी जिला अध्यक्ष जीवरखन मरई सहित वरिष्ठ आदिवासी नेताओं ने जिला प्रशासन पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने एवं आदिवासी समाज की उपेक्षा तथा संविधान में उल्लेखित नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाकर जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
आंदोलन स्थल पर मुख्य रूप से विनोद नागवंशी, बी एस रावटे, उमेंदी राम गंगराले, जीवराखन मरई, प्रेमलाल कुंजाम, विनोद नेताम, फिरंता राम उईके, सेवंत ठाकुर, मेघनाथ सलाम, रघु राम, मन्नू लाल कुंजाम, नागेश सलाम, रामचंद नेताम, भुनेश्वर सिंह, नेमसिंह उईके, श्रीराम सलाम, दुष्यंत नागवंशी, भूपत मरकाम, महेश रावटे, देवलाल, बरातू राम, गणेश राम, जगत राम, घुरउराम , अमृत लाल, यमुना प्रसाद, सुकालूराम, हिन्छा राम, लच्छन राम सहित भारी संख्या में ग्राम कर्रेझर तथा आसपास ग्रामो के आदिवासी लोग शामिल हुए।
