ग्राम पोंड़ में अवैध रेत उत्खनन पर राजस्व विभाग ने किया जप्ती की कार्यवाही, लेकिन पूर्व के मामले को लेकर खड़े हुए कई सवाल!

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एक चैन माउंटेन एवं एक रेत से भरी हाईवा को किया जप्त।

बालोद सजग प्रहरी।  बालोद जिले के ग्राम पोंड़ में लम्बे समय से चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर उत्खनन कर्ताओं एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तालमेल खाप नहीं खाने के चलते अंततः राजस्व विभाग ने बहुत देर के बाद आखिरकार पोंड़ रेत खदान पर दिनांक 08 अप्रैल को दबिश देकर उत्खनन में लगे एक चैन माउंटेन मशीन तथा रेत से भरी हाईवा वाहन पर  जप्ती की कार्यवाही किया।

अवगत हो कि ग्राम पोंड़ में विगत लम्बे समय से अवैध रूप से रेत उत्खनन की शिकायतें मिलती रही हैं लेकिन प्रशासनिक उदासीनता अथवा संलिप्तता के चलते किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं हो रही थी, फलस्वरूप अवैध रेत उत्खनन कर्ताओं के हौसले बुलंद थे तथा उनके द्वारा लगातार शासकीय संपत्ति की चोरी कर शासन को करोड़ों रुपयों की राजस्व की क्षति पहुंचाने के साथ ही साथ पर्यावरण के साथ भी खिलवाड़ कर रहा था,  जिसका सीधा दुष्प्रभाव जलीय जीव जंतुओं सहित मानव जीवन तथा पर्यावरण पर भी पड़ रहा है। जिले में लगातार अवैध कारोबार अपना पैर पसार रहा है लेकिन लाख शिकायतों के बाउजूद प्रशासन है कि लकवा ग्रस्त होने का अक्सर रोना रोता रहा है। हालांकि कभी कभार जब राजनीतिक दबाव या जन आक्रोश ज्यादा बढ़ जाता है तब कही खाना पूर्ति के लिए एक्का दुक्का मामलों पर दिखावा कार्यवाही कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर बंसी बजाने में मशगूल नजर आते हैं।

लेकिन दिनांक  08 अप्रैल 2025 को अचानक प्रशासन एक बार फिर जागा  और अनुविभागीय अधिकारी गुरूर के आदेश पर नायब तहसील गुरूर शिवेन्द्र कुमार सिन्हा ने थाना प्रभारी पुरूर शिशुपाल सिन्हा सहित दलबल के साथ दबिश देकर उत्खनन में संलिप्त एक चैन माउंटेन JCB 205 चेसी नंबर PUNJD 20 AHR 3380631 एवं रेत से भरी हाईवा रजिस्ट्रेशन नंबर CG 04 PK 9255 को जप्त किया। जप्त चैन माउंटेन मशीन तथा हाईवा वाहन को फिरतु राम खरे एवं श्रीमती हेमलता चोरमार के सुपुर्द नामे में रखकर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

अब देखना होगा कि इस बार की कार्यवाही किस किस्म की होगी चूंकि इसके पूर्व भी इस तरह की जप्ती की कार्यवाही की गई थी लेकिन कार्यवाही के दूसरे ही दिन अवैध उत्खनन कर्ताओं के द्वारा उक्त जप्त शुदा चैन माउंटेन मशीन में लगाए गए ताले को तोड़कर प्रशासन के नाक के नीचे नियम कायदो की मखौल उड़ाते हुए महीनों अवैध तरीके से रेत चोरी कर करोड़ों रुपयों की राजस्व हानि एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता रहा लेकिन प्रशासन है कि कई समाचार पत्र पत्रिकाओं में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बावजूद मामले पर संज्ञान लेना उचित नहीं समझा। तथा आज शायद किसी को पता भी नहीं होगा कि उक्त जप्त शुदा चैन माउंटेन मशीन जिसे उत्खनन कर्ताओं ने चोरी कर लिया था उस प्रकरण का क्या हुआ? फिर भी उम्मीद की जा रही है कि जिले में कुछ प्रशानिक अधिकारियों की फेर बदल के बाद प्रशानिक कार्यवाही में कसावट आएगी।

 

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