प्रशासनिक अनदेखी के चलते देवकोट सहित क्षेत्र के दर्जनों ग्राम के नागरिक मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं।
मामला वरिष्ठ भाजपा नेता एवं दो बार के निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य के निज ग्राम तथा निर्वाचन क्षेत्र का है।
बालोद सजग प्रहरी / 15 अप्रैल 2025
घोड़े के लिए खाने को नहीं है घास, और गधे खा रहे हैं मजे से च्यवनप्राश। ये कहावत गुरूर विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम कंवर के कोटवार गंभीर राम एवं उनके पार्टनर देवकोट निवासी गंगा राम चक्रधारी पर सटीक बैठता है, जहां पर आम ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा बोर खनन कर हैंड पंप लगाया गया था। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता एवं लापरवाही तथा गैर जिम्मेदाराना कर्तव्य के चलते मोहल्ले के लोग इस भीषण गर्मी में बूंद–बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं कोटवार गंभीर तथा उनका पार्टनर अवैध ईट भट्टा संचालक के द्वारा दबंगई पूर्वक शासन द्वारा लगाए गए हैंड पंप को उखाड़कर अपना निजी मोटर पंप लगाकर शासकीय बोर पर अतिक्रमणकर अवैधानिक तरीके से कब्जा कर लिया है। तथा शासन द्वारा प्रतिबंध के बावजूद शासकीय नियमों को ठेंगा दिखाते हुए कोटवारी सेवा भूमि पर धड़ल्ले से लाल ईट का व्यापक तरीके से भट्ठा संचालन कर प्रशासन को खुल्ले आम चुनौती दे रहा है और प्रशासन है कि कुम्भकरणीय नींद में सोया हुआ है।
लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि उपरोक्त घटना की जानकारी खनिज विभाग के अधिकारियों तथा तहसीलदार महोदय, स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उपयंत्री चंद्रवंशी जी को भी है, लेकिन उन्हें ग्रामीणों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। लोगों ने आरोप लगाया कि इन प्रशानिक अधिकारियो को भली भांति जानकारी है कि क्षेत्र के ग्राम सनौद, बोहारा, डोटोपार, अरकार, कोसागोंदी, पेंडरवानी, कंवर, देवकोट, सांगली में लम्बे समय से वृहद रूप से नियम विपरित ईट भट्टा संचालित हो रहा है तथा ईट भट्टा उद्योग में कृषि उद्देश्य के लिए लगाए मोटर पंपों से पानी एवं बिजली का नियम विपरित दोहन कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि समय समय पर इन ईट भट्टों में वे प्रशानिक अधिकारी दौरा में भी आते हैं, लेकिन आज तक किसी भी अवैध ईट भट्टों में किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही अथवा जप्ती वगैरह की कार्यवाही नहीं किया गया है। जिसके चलते अवैध कारोबारियों का हौसला बुलंद है तथा आम जनता उपेक्षित जीवन जीने मजबूर हैं। अब उपेक्षित आम जन सवाल पूछने लगे हैं कि इन अवैध कारोबार में कही प्रशासन के लोग भी तो संलिप्त नहीं है? और यदि संलिप्त नहीं है तो आखिर इन अवैध कारोबार पर अब तक प्रशानिक, कानूनी कार्यवाही क्यों नहीं हुई ?
लोगों ने मीडिया से चर्चा के दौरान अपनी समस्याएं तथा परेशानी व्यक्त करते हुए बताया कि ईट भट्टे से निकलने वाली राखड़ एवं धुंआ हवा तूफान में उड़कर ग्रामीणों सहित राहगीरों के आंखों में घुसकर चुभने लगी है वहीं कोटवार गंभीर राम एवं उनके पार्टनर ईट भट्टा संचालक गंगा राम चक्रधारी के द्वारा शासकीय बोर जिसमें हैंड पंप लगा हुआ था जिसे उखाड़ कर स्वयं का मोटर पंप लगाकर ईट भट्टा उद्योग में पानी का उपयोग कर रहा है जिसके चलते मोहल्ले वासियों को पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से मांग किया है कि अवैध रूप से संचालित ईट भट्टा पर तत्काल कार्यवाही करते हुए अवैध ईट भट्टा को जप्त करें तथा शासकीय बोर में बलात रूप से लगाए गए मोटर पंप को भी जप्त कर जनहित में उपयोग बाबत उक्त मोटर पंप के माध्यम से स्वच्छ भारत अभियान योजना अंतर्गत निर्मित जल विहीन सार्वजनिक शौचालय में पानी की व्यवस्था सहित मोहल्ले वासियों के लिए पेयजल की भी व्यवस्था करें। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचने के बाद प्रशासन आम जनता की समस्याओं एवं परेशानियों का समाधान करने के प्रति कितने गंभीर एवं सजग हैं।
