सिविल अस्पताल कुरूद में पात्र शिक्षित बेरोजगारों के साथ अन्याय किए जाने का लगा है आरोप।

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धमतरी सजग प्रहरी।  विगत दिनों सिविल अस्पताल कुरुद में जीवन दीप समिति के द्वारा स्टॉफ नर्स की नियुक्ति के लिये कार्यालय खण्ड चिकित्सा अधिकारी सिविल अस्पताल कुरूद ने इश्तहार प्रकाशन किया था। जिसमें लिपिकीय त्रुटि की बात बताते हुए उक्त ईस्तहार विज्ञापन प्रकाशन को निरस्त कर नई विज्ञापन प्रकाशन करने की बात बताई गई थी। लेकिन लोगों ने आरोप लगाते हुए आशंका व्यक्त किया है कि BMO ने क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार पात्र लोगों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने की साजिश किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त ईस्तहार प्रकाशन में बहुत बड़ी लिपिकीय खामी नजर आई थी तदोपरांत उक्त खामी के संबंध में वेब मीडिया न्यूज पोर्टल सजग प्रहरी ने समाचार प्रकाशित कर बीएमओ से तदसंबंध में जानकारी चाहा था जिसमे उनके द्वारा जीवन दीप समिति से भर्ती किये जाने वाले स्टॉफ नर्स के 03 पोस्ट के लिए प्रकाशित ईस्तहार विज्ञापन को निरस्त करने की बात कहा था।

लेकिन अब तक किसी को पता ही नहीं है कि आखिर उक्त प्रकाशित ईस्तहार को कब निरस्त किया गया? निरस्तीकरण संबंधी सूचनाएं कहां कहां प्रकाशित किया गया? उक्त ईस्तहार में क्या– क्या संशोधन किए गए ? आगामी निविदा की अंतिम तिथि कब है? पुनर्प्रकाशित  ईस्तहार उपरांत कितने आवेदन पुनः प्राप्त हुए ?  तथा  किन किन निविदाकर्ताओं का चयन किया गया?

उपरोक्त के संबंध में जानकारी बाबत दिनांक 16 अप्रैल 2025 को सिविल अस्पताल कुरूद के BMO श्री यू एस नवरत्न महाशय जी को उनके मोबाइल फोन नंबर 7828106448 पर अलग अलग समय में चार बार मोबाईल काल कर जानकारी लेना चाहा लेकिन उनके द्वारा फ़ोन स्वीकार नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि मामले में तथ्यों को छुपाने की साजिश की जा रही है। लोगों ने अंदेशा व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि बीएमओ द्वारा अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह भर्ती आनन फानन में कर पात्र लोगों को गुमराह करने के फिराक में है, क्योंकि भर्ती को निरस्त करने के संबंध में किसी प्रकार का सूचना अब तक इनके द्वारा जारी किए जाने की जानकारी नहीं मिला है। बल्कि पता चला है कि पूर्व  ईस्तहार प्रकाशन के अनुसार ही फॉर्म जमा कर रखा गया है ताकि मौका देखकर अपने हितबद्ध लोगों को अनुचित लाभ पहुंचा सके। मामले को लेकर लोगों में भारी असंतोष एवं गुस्सा बताया जा रहा है। बीएमओ कुरूद के गलत नीति का पर्दाफाश हो जाने के बाद भी उच्च अधिकारियों द्वारा मामले में कोई कार्यवाही ना करना भी कई संदेहों को जन्म देता है, आरोप है कि ऐसे अधिकारी शासन प्रशासन की छवि खराब कर रहा है तथा कोई कार्यवाही ना होने से वे दिनों दिन तानाशाह भी होते जा रहे है। लोगों ने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि कहीं ऐसा न हो, कि इनके द्वारा कोई बड़े कांड को अंजाम देकर शासन की छवि का मटियामेट कर दे, इससे पहले ऐसे अधिकारी के ऊपर न्यायोचित कार्यवाही कर पात्र लोगों की हितों की रक्षा कर उन्हें उनका वाजिब हक मिल सके।

 

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