पुण्यप्रद श्री ज्ञान यज्ञ कथा का तीन दिवसीय कार्यक्रम साहू सदन गुरूर में 20 अप्रैल से आयोजित।
बालोद सजग प्रहरी। छत्तीसगढ़ के पावन भूमि में जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज (दक्षिण पीठ-नाणीजधाम महाराष्ट्र) श्री की असीम कृपा एवं प्रेरणा से पुण्यप्रद श्री कथा ज्ञान यज्ञ दिनांक 20,21,22 अप्रैल को तहसील साहू सदन, कोलिहामार गुरूर ,बालोद में आयोजित है । यह कथा ज्ञान यज्ञ प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से संध्या 6 बजे तक आयोजित होगी।
आयोजन समिति ने प्रेस वार्ता में बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य समेत बालोद जिला के सम्पूर्ण जनमानस के लिए यह धन्यता का शुभ अवसर है। होने जा रहे श्री कथा में जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज द्वारा रचित श्री लीलामृत ग्रंथ जो 18 पुराण, 6 शास्त्र का सार है जिसका सारगर्भित कथा प्रवचन का लाभ सभी भक्त लेंगे। आज इस कलिकाल में हमारे पास समय का बहुत अभाव है जिसके वजह से आज हम हमारे वैदिक पुराण, शास्त्र एवं ग्रंथों के पारायण चिंतन मनन हेतु समय चाहते हुए भी नहीं निकाल पाते इसलिए वर्तमान समय के इस परिस्थिति को देखते हुए जगद्गुरु रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य महाराज श्री ने श्री लीलामृत ग्रंथ की रचना की और समस्त पुराण और शास्त्रों को सारगर्भित रूप से 21 अध्यायों का रूप दिया है जिसका रसपान सभी भक्त तीन दिवसीय कथा में करेंगे। और साथ ही कथा में जगद्गुरु श्री की सिद्ध चरण पादुकाओं का भी आगमन होगा जिसका दर्शन सभी भक्त तीन दिवसीय कथा के दौरान ले सकेंगे। आयोजन कर्ताओं ने दावा किया कि पादुकाओं के दर्शन से भक्तों के अंतःकरण में सात्विक शक्ति का संचार होगा। इस श्री कथा ज्ञान यज्ञ में प्रवचन, रासलीला, भजन, प्रसादी भंडारा , नामदान दीक्षा का कार्यक्रम रखा गया है ।
आज इस युग में अच्छी शिक्षा होने के बाद भी लोग आध्यत्म से दूर होते जा रहे है, इसलिए आज लोगो के जीवन में सर्व सुविधा होकर भी आज जीवन में प्रेम, शांति, आनंद और ज्ञान की कमी दिखाई देती है। मनुष्य सिर्फ विज्ञान के सहारे जीने के प्रयास में है, विज्ञान में अत्यंत मुलभुत अंग है जीवन का पर मनःशांति अध्यात्म के बिना संभव नहीं है।
आयोजन समिति ने बताया कि जगद्गुरुश्री अपने प्रवचनों और मार्गदर्शन के माध्यम से सम्पूर्ण जनमानस को भक्ति का महत्व समझाते है। जगद्गुरु श्री कहते है आज मनुष्य के अंतरमन और बहिरमन एकाग्र नहीं होने के वजह से मनुष्य स्वयं को दुःख से घिरा हुआ पाता है।मनुष्य के मन का स्वाभाविक गुण है चंचल होना यानी एकाग्र न होना। इसका चंचल गुण बार-बार हमें हमारे लक्ष्यों से विमुख करता रहता है। मनुष्य का मन उसको भावनाओं और कामनाओं के जाल में बांधकर भांति-भांति के कार्य करवाता है। हमारा मन हमारे शरीर रूपी रथ का सारथी होता है। इसका जिस ओर मन करता है वह उधर ही इसको ले जाता है। इसमें प्राय: गलत राह भी पकड़ ली जाती है। इसलिए अंतरमन और बहिरमन को एकाग्र करना बहुत आवश्यक है, और यह दोनों मन भक्ति से एक होती है जिसके वजह से मनुष्य की निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है, सही गलत की समझ बढ़ती है, प्रगलबता बढ़ती है, मन की चंचलता दूर होती है और संयम बढ़ता है, कार्य को पूर्ण करने हेतु उत्साह और साहस बढ़ता है, भाव शुद्ध होते है आदि सकारात्मक परिणाम मनुष्य के जीवन में होते है।
हमे प्रपंच के साथ साथ परमार्थ भी करना चाहिए इसलिए जगद्गुरु श्री ने तीन सरल बातो का आव्हान किया है पहला की दिन में किसी भी समय कम से कम 10 मिनट एकग्रता से अपने प्रिय इष्टदेव जो आपको प्रिय हो उनकी भक्ति करे। दूसरा की सपने में भी किसी का बुरा मत सोचो। और तीसरा की ” आप जियो और दुसरो को जीने में सहायता करो”। अगर यह तीन बातो को कोई भी जीवन में अपनाकर जीवन शैली बना ले तो उसका प्रपंच भी संतुलित रहेगा और उसके हाथो से परमार्थ भी हो जायेगा।
जगद्गुरु श्री के “तुम जियो और दुसरो को जीने में सहायता करो” इस दिव्य प्रेरणा से प्रेरित होकर ज.न.म संस्थान द्वारा सम्पूर्ण भारत सहित विश्व में अनेक सामाजिक उपक्रम कार्यरत है, जैसे कि निः शुल्क अन्नदान सेवा, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चो के उज्ज्वल भविष्य हेतु जुनियर के.जी. से ग्रेजुएशन तक निः शुल्क शिक्षा, विविध राष्ट्रीय मार्गो पर निः शुल्क 54 एम्बुलेंस सेवा, सम्पूर्ण सुविधाओं के साथ निः शुल्क दो वर्षीय हायर डिप्लोमा इन पुरोहित कोर्स, निः शुल्क रक्तदान, प्राकृतिक आपदाओं में निः शुल्क सहायता, जरूरत मंद लोगो को स्वावलंबी बनाने हेतु निः शुल्क सहायता आदि सेवा कार्य समर्पित भाव से अनवरत चलाए जा रहे है। अब तक कुल 93 देहदान अनेक मेडिकल संस्थानों को दिया जा चुका है।
इस अमृतमय और महामंगल श्री कथा ज्ञान यज्ञ समोराह में आपश्री सहपरिवार उपस्थित होकर जगद्गुरुश्री के पादुकाओं का शुभाशीर्वाद एवं कथा प्रवचन का लाभ अवश्य लेने का आह्वान किया है। स्व स्वरुप संप्रदाय बालोद छत्तीसगढ़ के समस्त भक्तो की ओर से समस्त छत्तीसगढ़ के लोगो के आत्मीय आमंत्रण है प्रेषित किया जाना बताया गया।

आयोजन समिति के छत्तीसगढ़ पीठ प्रमुख घनश्याम माहेश्वरी जी, उप पीठ प्रमुख मुन्ना लाल मोटघरे जी, पीठ व्यवस्थापक सुधीर पवार जी, छ ग़ उपपीठ प्रवचन कार्य प्रमुख श्रीमती सुषमा साहू जी, जिला कर्नल कमलेश साहू जी, बालोद जिला निरीक्षक मेघराज निबद्धे जी, बालोद जिला अध्यक्ष ज्ञानेश्वर साहू जी जिलाध्यक्ष स्व-स्वरूप संप्रदाय बालोद ने प्रेस वार्ता आयोजित कर उपरोक्त जानकारी प्रदान किया।।
