पत्रकार सुरक्षा कानून की लड़ाई तेज करने में बनी सहमति– अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति की ऑनलाइन मीटिंग में छत्तीसगढ़ प्रदेश के समस्त जिलों के पत्रकार रहे शामिल।
छत्तीसगढ़ के हर जिले से मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन के साथ न्यायधानी, राजधानी में होंगी जल्द बैठक।
बिलासपुर सजग प्रहरी:- अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ इकाई की आज 01मई श्रमिक दिवस के दिन प्रदेश पदाधिकारियों के साथ समस्त जिले के जिला अध्यक्षों की ऑनलाइन मीटिंग हुई जिसमें पत्रकारों के बीच पत्रकार सुरक्षा कानून की लड़ाई तेज करने में बनी सहमति, संगठन की इस ऑनलाइन मीटिंग में सभी पत्रकार पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार व्यक्त किये जिसमें सभी ने एकमत होकर निणर्य लिया की प्रदेश के समस्त जिलों से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जायेगा जिसमें पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करों नहीं तो पत्रकार सड़क में उतर कर आंदोलन करने के लिये बाध्य होगा जिसमें समस्त जिम्मेदारी सरकार की होंगी।
छत्तीसगढ़ प्रदेश में चौथा स्तम्भ सुरक्षित तब तक नहीं होगा जब पत्रकार सुरक्षा कानून लागू नहीं हो जाता, आज कही न कही रोज छत्तीसगढ़ में पत्रकार प्रताड़ित हो रहे हैं फलस्वरूप वे निष्पक्ष पत्रकारिता नहीं कर पा रहे हैं। पूर्व की भूपेश बघेल की सरकार ने पत्रकार सुरक्षा कानून को विधानसभा में पारित कर एक कदम आगे बढ़ाने का काम किया था जिसे पारित होने के लिये छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के पास सहमति के लिये भेजा गया है जिसे आज 02 साल से ज्यादा समय से राज्यपाल के पास रखा हुआ है लेकिन राज्यपाल महोदय के द्वारा न तो अनुमति दी गई ओर न ही ड्राफट को विधानसभा में वापस भेजा गया जिसके चलते कानून बनने की प्रकिया अटकी हुई हैं।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा भारत ने मीटिंग में कहा सभी साथी अब तैयार हो जाये सड़क की लड़ाई लड़ने को, क्योंकि 14 माह पुरानी सरकार जिसने सत्ता में आने से पहले कहा था कि पत्रकारों के लिए कानून बनाया जायेगा, उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जायगी। लेकिन ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा हैं जिससे पत्रकारों को मजबूरन सड़क में उतर कर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिये बाध्य होना पड़ रहा हैं।
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश परिहार के साथ प्रदेश पदाधिकारियों में पत्रकार बहन पुष्पा रोकडे, कमलेश स्वर्णकार, डी पी गोस्वामी, राजेश यादव, नवरतन शर्मा, कृष्णा गंजीर, अर्जुन राजपूत, संजय शर्मा, नरेश चौहान, रामेश्वर वैष्णव, गोपाल शर्मा, रवि शुक्ला, दीपक साहू, शैलेश शर्मा, नितिन रोकडे, नारायण बाईन, राजा खान, सुरजीत रैना, गोविन्द तिवारी, प्रेम सोनी आदि पत्रकारों ने अपनी बात रखते हुए सर्वसम्मति से पत्रकार सुरक्षा कानून की इस लड़ाई को तेज करने एवं सड़क में उतर कर लड़ने में अपनी सहमति जताई।
