लुट फरेब का शिकार पीड़ित घनश्याम साहू ने खोला प्रशासन का पोल, न्याय पाने के लिए उन्हें बेलने पड़े पापड़।
आरोप है कि स्थानीय विधायक एवं मंत्री ने भी किया उन्हें नजर अंदाज।
पीड़ित ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उनके आवेदन को मंत्री के प्रतिनिधि ने रद्दी की टोकरी में फेका।
बालोद/सजग प्रहरी
धारा 420 में गिरफ्तार मुड़खुसरा निवासी खिलावन चंद्राकर के द्वारा लुट फरेब का शिकार हुए पीड़ित घनश्याम साहू को न्याय पाने के लिए खूब हिचकोले खाने पड़े। हालांकि भारी जद्दोजहद के बाद घनश्याम साहू के ही सहयोग से पुलिस ने खिलावन चंद्राकर को गिरफ्तार कर पाने में सफलता हासिल की है। आरोपी अभी जेल के सलाखों के पीछे अपने गुनाहों का फल पाने के इंतजार में कैद है।
पीड़ित घनश्याम साहू ने प्रेस वार्ता के माध्यम से अपनी आप बीती बताते हुए अपने अंदाज में अपनी पीड़ा व्यक्त किया है।
उन्होंने जारी वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि समय पर ना तो प्रशासन का उन्हें सहयोग मिला और ना ही जनप्रतिनिधि गणों का। बल्कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप से बचने के लिए तथा प्रार्थी के ऊपर अनैतिक रूप से दबाव बनाने व शिकायत वापस लेने के लिए उन पर झूठे बलात्कार का मामला तक दर्ज कर दिया गया था।
