विधायक एवं जनपद उपाध्यक्ष एक बार फिर आमने सामने के मूड में दिखे।
जनपद उपाध्यक्ष ने विधायक पर लगाया ओहदे का दुरुपयोग करने का आरोप।
आज तक क्षेत्र के किसी भी आम व्यक्ति ने मेरे खिलाफ नहीं किया है कोई शिकायत सिवाय विधायक एवं कुनबे के–दुर्गानंद साहू
बालोद / सजग प्रहरी। बालोद जिले की राजनीतिक गलियारों में विगत चौदह–पंद्रह वर्षों से भी अधिक समय से भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जनपद पंचायत गुरूर के उपाध्यक्ष श्री दुर्गानंद साहू तथा स्थानीय विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा एवं उनके कुनबे के लोगों के बीच आपसी रंजिश एवं तकरार की बाते लगातार सुनाई देती रही हैं। लेकिन यह मामला अब चरम पर पहुंचने की जानकारी मिला है। वहीं दुर्गानंद साहू ने मीडिया से चर्चा करते हुए बड़े ही आत्मविश्वास के साथ अपना पक्ष रखा तथा उन्होंने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा है कि विवाद की शुरुआत उन्होंने की है, और अंत हम करेंगे!
मामले को लेकर दुर्गानंद साहू ने बताया कि उन्हे विधायक संगिता सिन्हा और उनके परिजनो की ओर से लगातार परेशान किया जाता रहा है। उन्होंने बताया कि जब मै पुलिस विभाग में कार्यरत था तब से लेकर अब तक उनके और उनके परिजनो की झूठी शिकायतो को लगातार झेल रहा हूँ। जिनमें से कई मामलों में निराकरण भी हो चुका है जिसमें मुझे दोष मुक्त करार दिया गया है। उन्होंने सभी मामले के न्यायलीन दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखे जाने की बात बताया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि एक मामला एक जमीन से जुडा हुआ है, जो कि मामला अभी उच्च न्यायलय में विचाराधीन है। मामले में निर्णय आना बाकी है, इसके बावजूद विधायक अपने ओहदे व प्रभाव का दुरुपयोग कर प्रशानिक अधिकारीयों पर दबाव बनाकर मुझ पर बेजा तरीके से कार्यवाही करवाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सत्ता सरकार और पद का लाभ उठाकर आम जनता को लगातार प्रताड़ित करना एक अच्छे जन–सेवक की निशानी नही हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक और उनका पूरा कूनबा संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र में लगातार भय और आतंक का पर्याय बने हुए हैं, उनकी आतंक के चलते आये दिन आम नागरिक, पत्रकार, विपक्षी राजनितिक दल के नेता और उनके स्वंय के ही पार्टी में रहने वाले कई कांग्रेसी नेता शिकार बन रहे है। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ की गई झूठी शिकायतो को लेकर मैं बहुत जल्द ही विधायक के खिलाफ सत्ता और पद का गलत इस्तेमाल करने बाबत छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार से शिकायत दर्ज करवाऊंगा।
गौर तलब हो कि दुर्गानंद साहू ने विधायक संगीता सिन्हा और उनके पति पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा के खिलाफ मोर्चा का शंखनाद कर दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि इस जंग का हश्र क्या होगा एवं मामले में ऊंट पहाड़ के किस करवट बैठेगी। चूंकि इसके पूर्व प्रदेश में पांच साल तक कांग्रेस का सत्ता सरकार रहा है वही प्रतिद्वंदी कांग्रेस पार्टी की विधायक रही है लिहाजा उनके प्रभाव से किसी भी प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों का प्रभावित हो जाना स्वाभाविक था। लेकिन अभी वर्तमान में प्रदेश में भाजपा की सरकार है जहां पर भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले दुर्गानंद साहू जनपद पंचायत गुरूर में उपाध्यक्ष के पद को सुशोभित कर रहे हैं तथा वे भाजपा के कद्दावर नेताओं की गिनती में शुमार है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार का मुकाबला भारी रोचक भी होगा एवं ऐतिहासिक भी होगा। मोर्चे का शंखनाद के बाद से जिला के आम एवं खास लोगों की निगाहे विशेष रूप से इन पर टिकी हुई बताई जा रही है।
