सत्ता मद में कानून को जेब में रखने का दंभ भरने वाले दंभी डॉक्टर पहुंचा सलाखों के पीछे।

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आरोपी पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष डॉक्टर ओंकार महमल्ला को आजीवन कारावास की सजा।

बालोद/सजग प्रहरी/23 जुलाई 2025
बालोद जिले में कई भ्रष्ट कांग्रेसी नेताओं की पोल एक के बाद एक लगातार खुलने लगी है, कई गुंडे किस्म के स्वयंभू नेता अभी कोई बेल में हैं तो कोई जेल मे है। आने वाले दिनों में और कई लोगों की जेल जाने की सुगबुगाहट की जानकारी मिला है। मामला जिला खनिज न्यास निधि मद से मिले रुपयों की अफरा–तफरी का हो या ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए हाई मास्क लाइट घोटाला का। या गरीब परिवारों को मिलने वाली उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर में घोटाला कर गरीबों का खून चूसने का मामला हो चाहे अवैध रूप से पत्थर उत्खनन, रेत चोरी, मुरूम उत्खनन, अवैध शराब  बिक्री, सामाजिक बुराई जुआ सट्टा सहित अनैतिक कृत्यों को उजागर करने वाले खबरनवीसों पर जानलेवा हमला करने वालों का हो एक के बाद एक सभी की बारी आने वाली है।

अभी जेल जाने की शुरुआत बालोद जिले में डॉक्टरी पेशे एवं मानवता को शर्मशार करने वाले ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं नगर पंचायत गुरूर में एल्डरमेन रहे ओंकार महमल्ला से हो चुका है जिसने एक अनुसूचित जाति की बेटी के साथ अश्लीलता करने के मामले में बेल (जमानत) में छूटने के बाद बेशर्मी की हद पार करते हुए नगर गुरूर के चौंक चौराहों पर ऐसा आतिशबाजी कर जश्न मनाया था जैसे उन्होंने बहुत बड़ा बहादुरी का जंग जीत कर आया हो। लेकिन उससे बड़ी शर्म की बात थी कि कांग्रेस पार्टी के दिग्गज कहे जाने वाले कई निर्लज एवं बे–हया किस्म के लोग भी उस अनाचारी के बेल होने पर जश्न मना रहे थे। जिससे उनकी मानसिकता को समझा जा सकता है कि वे महिला अस्मिता एवं स्वाभिमान के प्रति कितने ईमानदार एवं संवेदनशील है।

लेकिन कहावत है कि “करनी का फल आज नहीं तो कल” जरूर मिलता है यही प्रकृति का नियम है।

उपरोक्त कहावत को प्रमाणित करते हुए जिला न्यायालय बालोद ने दिनांक 21 जुलाई 2025 दिन सोमवार को आरोपी ओंकार महमल्ला को  “Cold-blooded” अनाचार एवं शारीरिक प्रताड़ना का आरोप सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा से दंडित करते हुए भेजा जेल।

कांग्रेस शासन काल में सत्ता मद में मदहोश कानून को सत्ताधारी राजनेताओं का रखैल समझने वाले विधायक प्रतिनिधि ओंकार महमल्ला पर आरोप था कि उनके क्लिनिक में पेट दर्द का ईलाज कराने गई एक दलित समाज की बेटी के साथ अश्लीलता करते हुए उन्हें प्रताड़ित एवं बेइज्जत किया था। लेकिन इस दलित पीड़िता बेटी ने अपने मान सम्मान की रक्षा के लिए अपने साथ हुए अपमान का डटकर मुकाबला किया और अंततः आरोपी को लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद जेल के सलाखों के पीछे जाना ही पड़ा।

               लाल घेरे में आरोपी ओंकार महमल्ला 

आरोपी ओंकार महमल्ला को स्थानीय विधायक का खासम खास व्यक्ति बताया जाता है फलस्वरूप आरोपी को विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था, उपरोक्त मामले में आरोपी को दूध का धुला साबित करने के लिए कांग्रेस पार्टी के एक पूर्व विधायक एवं उनके कुनबे के लोगों के द्वारा पीड़ित बेटी के साथ हमदर्दी दिखाने के बजाय उल्टा पीड़िता के परिवार को ही बदनाम करने की नियत से उनके परिजनों पर झूठी अनर्गल आरोप भी लगाया गया था। तथा आरोपी को बचाने कांग्रेस पार्टी के कई नेताओं ने सत्ता सरकार का खूब दुरुपयोग भी किया था। यहां तक कि उनके दबाव में पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज करने में तत्कालीन थाना प्रभारी का भी हाथ कांपने लगे थे तथा रिपोर्ट दर्ज करने में खूब हिला हवाला किया तथा पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया फलस्वरूप पीड़िता को रिपोर्ट लिखाने के लिए जिले के मुखर एवं जागरूक पत्रकारों के सहयोग से पुलिस अधीक्षक बालोद के समक्ष गुहार लगाना पड़ा था तब जाकर जिले के पत्रकारों की दखलंदाजी के बाद पुलिस अधीक्षक बालोद के आदेश उपरांत पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज किया गया था।

 

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