भ्रष्टाचार में संलिप्त मनहरण साहू को सोसायटी से निकालने तीन दिन का अल्टीमेटम।

धान खरीदी में लगभग चौबीस लाख रुपयों की महा घोटाला प्रमाणित।
समिति के ग्यारह गांवों के किसानों में भारी आक्रोश, चक्का जाम की दी चेतावनी।
बालोद सजग प्रहरी। बालोद जिला के कई सेवा सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार मिलती रही है लेकिन प्रशासन द्वारा मिल रही शिकायतों को नजर अंदाज किया जाता रहा है, फलस्वरूप भ्रष्टाचारियों का हौसला बुलंद था। इसी कड़ी में सेवा सहकारी समिति धनोरा में भी धान खरीदी में बड़े पैमाने पर अनियमितता किए जाने की शिकायत मिला था, जहां पर भारी जन आक्रोश के बाद प्रशासन ने जांच टीम तैयार कर प्राप्त शिकायत की जांच करवाया जिसमें सोसायटी में पदस्थ समिति प्रबंधक एवं कांग्रेस नेत्री ममता साहू (पूर्व जनपद सदस्य) के पति मनहरण साहू पर धान खरीदी में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार किया जाना प्रमाणित हुआ है। वहीं दूसरी ओर सोसायटी में कार्यरत सेल्समैन भावेश साहू द्वारा किसानों के साथ दुर्व्यवहार करने का भी लगा है आरोप।
समिति अंतर्गत ग्यारह ग्रामों के किसानों में उक्त भ्रष्टाचार एवं सेल्समैन द्वारा कथित रूप से किए जा रहे दुर्व्यवहार को लेकर भारी आक्रोश।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में प्रबंधक के पद पर पदस्थ रहे मनहरण साहू के द्वारा वित्तीय वर्ष 2024–25 में बिना धान आवक के ही फर्जी तरीके से अपने कुछ करीबी किसानों के नाम पर फर्जी धान खरीदी दर्शाकर 772.37 क्विंटल धान कीमत 23,94,347 रुपए अक्षरी तेईस लाख चौरानबे हजार तीन सौ सैंतालीस रुपए का भ्रष्टाचार किया जाना जांच उपरांत प्रमाणित हुआ है।

उक्त जांच रिपोर्ट आने के बाद से समिति के ग्यारह गांवों के सदस्य किसानो ने उक्त भ्रष्ट प्रबंधक को बर्खास्त करने की मांग उच्च अधिकारीयों से लगातार किया जाता रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा भ्रष्टाचारी मनहरण साहू पर उचित कार्यवाही ना कर लगातार समय को टाला जा रहा था, जिससे व्यथित एवं आक्रोशित किसानों ने रविवार को नेशनल हाईवे 930 बाधित करने उतारू हो गए थे जहां पर प्राधिकृत अधिकारी परमानंद साहू के द्वारा तीन दिनों की मोहलत मांगे जाने पर आक्रोशित किसान शांत हुए। वहीं किसानों ने कहा है कि यदि तीन दिनों के अंदर भ्रष्ट कर्मचारी मनहरण साहू एवं भावेश साहू पर उचित कार्यवाही नहीं हुई तो मजबूरन पुनः हमें नेशनल हाईवे पर चक्का जाम करने बाध्य होना पड़ेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इन भ्रष्ट कर्मचारी एवं दुर्व्यवहार–बाज सेल्समैन पर क्या कार्यवाही करते हैं।
