भाजपा पर स्मार्ट बिजली मीटर के नाम से गरीब मजदूरों को धोखा देकर चंद उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का लगा आरोप।

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भारी भरकम बिजली बिल से आम उपभोक्ता बेहाल परेशान– नीलम चंद्राकर    

कुरूद / सजग प्रहरी/24 सितंबर 2025
बिजली विभाग के द्वारा आम उपभोक्ताओं के घरों में पूर्व से लगे बिजली रीडिंग मीटर को बिना उनके सहमति के जबरन निकाल कर नया स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर लगाया जा रहा है तथा जिन उपभोक्ताओं के घर नया स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर लगाया गया है वे उपभोक्ता अब नया स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर से आने वाली भारी भरकम बिजली बिल से अवाक एवं परेशान है।

चूंकि जिन उपभोक्ताओं के घर पुराने डिजिटल बिजली रीडिंग मीटर से पूर्व में जो भी बिजली बिल आता था अब नए स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर लगाए जाने के बाद से डबल व  उससे भी ज्यादा बिजली बिल आने लगे हैं। जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भोगना पड़ रहा है। फलस्वरूप आम उपभोक्ताओं में नई स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर से आने वाली बिजली बिल को लेकर सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। नई स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर से आने वाली भारी भरकम बिजली बिल से खासकर गरीब, मजदूर परिवार बेहाल एवं परेशान हैं।

नई स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर एवं इस मीटर से आने वाली भारी भरकम बिजली बिल को लेकर जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा की रमन सरकार ने अपने हितैषी उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने की नियत से बिजली विभाग को निजी हाथों में बेंच दिया था। विदित हो कि तब से बिजली विभाग में सरकारी भर्ती ही नहीं हो रही है फलस्वरूप प्रदेश के शिक्षित युवा बेरोजगार घूम रहे हैं।

अब वर्तमान भाजपा की बिष्णु देव साय की सरकार आम उपभोक्ताओं को परेशान करने के लिए चार कदम आगे बढ़कर लगातार बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर रही है। वहीं जब स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर लगाया जा रहा था तब आम उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे गिनाए जा रहे थे लेकिन अब जब उसी स्मार्ट मीटर से लोगों के जेबों में डाका पड़ रहा है तब सभी जिम्मेदार गूंगे, बहरे की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

अब गरीब, दिहाड़ी मजदूरों के समक्ष बड़ी विकराल समस्या आ खड़ी हुई है कि आखिर वो अपने दो वक्त की मेहनत, कमाई की आमदनी से अपने परिवार का भरण पोषण, बच्चों की शिक्षा–दीक्षा, समय–कुसमय स्वास्थ्य संबंधी ईलाज, रोजमर्रा की खर्चा व  दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करे, कि सरकार द्वारा जबरन थोपे गए नई स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर से आने वाली भारी भरकम बिजली बिल का भुगतान करे! इन गरीब मजदूरों की स्थिति ऐसी हो गई है कि पहले जिन परिवारों में बिजली बिल सौ रुपए आता था अब उन्हें पांच सौ रुपए तक पटाना पड़ रहा है, इसी तरह जिन परिवारों में पांच सौ रुपए बिजली बिल आता था उन्हें तीन हजार रुपए पटाना पड़ रहा है! चूंकि ये गरीब मजदूर लोग अपनी रोजी मजदूरी को छोड़कर भारी भरकम बिजली बिल के विरोध में प्रदर्शन करने सड़क पर उतर नहीं सकते, यदि विरोध प्रदर्शन करने सड़क पर उतरते हैं तो इनके परिवारों की दो वक्त की रोटी एवं रोजमर्रा के खर्च के लाले पड़ जाएंगे।

अवगत हो कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन काल में भूपेश सरकार ने चार सौ यूनिट तक बिजली बिल का दर आधा कर दिया था जिससे लोगों को राहत मिल रहा था। लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होते ही भाजपा की बिष्णु देव सरकार ने गरीब मजदूर विरोधी अपनी मानसिकता को प्रदर्शित करते हुए पूर्व में संचालित  बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर बिजली बिल में प्रति यूनिट दर को बढ़ा दी है। इन्होंने  01 अगस्त 2025 से 0 से 100 यूनिट तक 4.10 रुपए, 100 से 200 यूनिट तक 4.20 रुपए, 201 से 400 यूनिट तक 5.60 रुपए, 401 से 600 यूनिट तक 6.60 रुपए और 601 से अधिक यूनिट की खपत पर 8.30 रुपए बिजली की दरों में बढ़ोतरी की गई है ।

भारी भरकम बिजली बिल की मार से आहत आम उपभोक्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की बिष्णु देव साय सरकार आम उपभोक्ताओं को लूटने पर आमदा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को धोखा में रखकर स्मार्ट बिजली रीडिंग मीटर लगाने का काम किया है,  स्मार्ट बिजली मीटर की हकीकत को पहले आम उपभोक्ताओं को नहीं बताया गया सिर्फ अपने  चहेते उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए अच्छा मीटर को बदला जा रहा है । उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों की सरकार है और अपनी निजी स्वार्थ के लिए किसी भी हद से भी गुजर सकती है। गरीब, मजदूरों का हक मार कर उद्योगपतियों के जेब भर रहे हैं।

 

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