जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार का आलम ऐसा कि लोकार्पण के पहले ही रिपेयरिंग की आ गई नौबत।

0
Share this news

बालोद/गुरूर/08 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ में “हर घर नल हर घर जल” योजना केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पीने का साफ पानी नल के माध्यम से पहुंचाना है। लेकिन बालोद जिले के अधिकांश गांवों में यह योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। वहीं योजना के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं।

जिला जल एवं स्वच्छता समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि इस मिशन के तहत प्रत्येक घर को प्रतिदिन स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है। इस योजना से ग्रामीण महिलाओं के शारीरिक परिश्रम और समय की बचत हुई है, और जलजनित बीमारियों में कमी आ रही है। तथा उनका दावा है कि राज्य में यह योजना तेजी से लागू हो रही है और अब तक लगभग 40 लाख से अधिक परिवारों तक नल से कनेक्शन पहुंचाकर उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के तहत सिंगल विलेज स्कीम और मल्टी विलेज स्कीम जैसी विभिन्न पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, और इनका लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। 

लेकिन बालोद जिले के ग्राम सोंहपुर, सुर्रा, चिरचारी, खर्रा जैसे अनेकों गांवों की जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजना ने उनकी पोल खोल कर रख दी है कि उनके दावे झूठे एवं खोखले हैं। बल्कि लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रशानिक लापरवाही एवं जिम्मेदारों की मॉनिटरिंग की कमी तथा बड़बोलापन के चलते इस योजना के तहत जारी राशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। जिसकी बानगी गुरूर विकास खण्ड के उपरोक्त गांवों में देखने को मिल रहा है।

ग्राम सोंहपुर में इस योजना के तहत 102.54 लाख रूपए स्वीकृत हुआ है जिसे 09 माह में पूर्ण किया जाना था लेकिन आज तीन वर्ष होने को है फिर भी ग्रामीणों को पानी नहीं मिल सका है। इस पानी टंकी की हालत इतनी जर्जर स्थिति में बताई जा रही है कि उसमें भरे गए पानी का रिसाव हो कर बाहर निकल रहा है, टंकी में पानी संग्रहण नहीं हो पा रहा है। टंकी की दीवार में दरारें दिखाई दे रहा है। पूर्व में पानी की सीपेज को रोकने के लिए टंकी की दिवाल में डामर की परत चढ़ाया गया था फिर भी पानी संग्रहण नहीं किया जा सका। अब उसपर केमिकल मिलाकर प्लास्टर करने की बात कही जा रही है। जिससे प्रमाणित हो जाता है कि टंकी निर्माण स्तरहीन सामग्री से निर्मित है तथा सही तरीके से निर्माण कार्य नहीं किया गया है, मापदंडों का ध्यान नहीं रखा गया है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए सवाल किया है कि आखिर करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद गुणवत्ता युक्त सही टंकी का निर्माण क्यों नहीं किया गया? जिम्मेदार अधिकारी निर्माण के समय कुंभकरणीय नींद में क्यों सोया हुआ था? ग्राम प्रमुखों ने जोर देते हुए कहा कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद रिपेयरिंग शुदा टंकी हम ग्रामीणों को कतई स्वीकार नहीं है। तथा टंकी की किए जा रहे रिपेयरिंग का विरोध किया है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर सहित विभागीय मंत्री को पत्र लिखकर उक्त रिपेयरिंग शुदा टंकी को डिस्मेंटल घोषित कर नई टंकी का निर्माण करने की मांग करने की बात कहा तथा डिस्मेंटल युक्त उक्त टंकी की लागत राशि ठेकेदार एवं जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों से वसूली किए जाने की भी मांग किया है।

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों