जनपद CEO के बयान पर भड़कीं जिला पंचायत सभापति, लगाया झूठ बोलने का आरोप; बालोद में सियासी पारा गरम
गुरूर /बालोद। ग्राम अरमरीकला में आयोजित जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर में हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। जनपद पंचायत गुरूर के सीईओ उमेश रात्रे द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को जिला पंचायत सभापति श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू ने ‘सफेद झूठ’ करार दिया है। सभापति का आरोप है कि सीईओ अपनी और अन्य अधिकारियों की लापरवाही छिपाने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
CEO का दावा बनाम सभापति का पलटवार
मामले में मचे बवाल के बीच जनपद सीईओ उमेश रात्रे ने प्रतिक्रिया दी थी कि शिविर के दौरान सभापति का नाम मंच से दो बार पुकारा गया था, लेकिन वे स्वयं वहां उपस्थित नहीं थीं। इस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लक्ष्मी अशोक साहू ने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिए मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहे हैं।
उपेक्षा से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत गुरुवार को तब हुई जब सभापति के ही निर्वाचन क्षेत्र अरमरीकला में बड़ा सरकारी शिविर आयोजित था। स्थानीय जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई और न ही क्षेत्र की समस्याएं रखने का अवसर मिला। इस ‘अपेक्षा’ को सभापति ने अपना और क्षेत्र की जनता का अपमान बताते हुए भाजपा संगठन और उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की है।
संगठन भी मैदान में
इस घटनाक्रम के बाद बालोद की राजनीति और प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने भी इस मामले में कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया है। फिलहाल, अधिकारी और जनप्रतिनिधि के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
