बड़ा सवाल, आखिर बालोद जिले में बड़े अपराधिक मगरमच्छों पर कार्यवाही करने में प्रशासन हाफने क्यों लगे है?

0
Share this news

बालोद (सजग प्रहरी)। इन दिनों बालोद जिले में माफिया राज हावी होने की लगातार जानकारी मिल रहा है , उन पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही करने की किसी भी प्रशासनिक अधिकारियों में इच्छा शक्ति दिखाई नही दे रहा है, फलस्वरूप जिले में माफिया राज स्पष्ट रूप से नजर आने लगा है।

चाहे मामला जिले के ग्राम चिरचारी में हुए गैस सिलेंडर घोटाले का हो, चाहे जिले में चल रहे अवैध शराब तस्करी का मामला हो , चाहे जिले में चल रहे जुआ सट्टा के कारोबार का मामला हो, चाहे जिले में अवैध रूप से चल रहे उत्खनन का मामला हो या फिर उपरोक्त अपराधिक कृत्यों का भांडा फोड़ करने वाले लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले के गुनहगारों पर कार्यवाही का मामला हो,

जिला प्रशासन लगातार फिसड्डी साबित हुए है। पता नही इन माफियाओं, दबंगों पर कार्यवाही करने में प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव क्यों कांपने एवं फूलने लगते हैं। इन माफियाओं पर व्यापक रूप में कानूनी कार्यवाही होते दिखाई नहीं दे रहा है।

जिसके चलते उनके हौसले इतने बुलंद हो गए है कि वे दिनदहाड़े कुछ भी अनैतिक कृत्य किए जा रहे हैं और प्रशासन है कि गांधी जी के तीनों बंदरो से दीक्षा लेकर चापलूसी चालीसा गाने में तल्लीन बताए जा रहे है। हालांकि बीच–बीच में कभी–कभार प्रशासन के द्वारा अपनी साख बचाने के लिए छोटे मोटे बिचौलिए एवं टपोरियों के ऊपर कार्यवाही कर खाना पूर्ति कर अपनी पीठ थपथपाते जरूर देखे जाते रहे हैं। लेकिन विगत पांच छः वर्षो के दौरान बड़े मगरमच्छों पर बड़ी कार्यवाही किया गया हो इसकी आम जनता को कोई जानकारी नहीं है।

अभी ताजा मामला जिले के गुरुर विकास खण्ड के राजा राव पठार से ओना कोना जाने वाली सड़क किनारे लंबे चौड़े जगह पर दर्जनों हरे भरे वृक्षों को धराशाई करते हुए व्यापक रूप से बड़े बड़े चैन माउंटेन मशीन के द्वारा अवैध तरीके से मुरूम उत्खनन विगत दो तीन महीने से किया जा रहा है।

लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी तथा विभाग आज तक उन पर कार्यवाही करने की हिम्मत नही जुटा पा रहा है, फलस्वरूप लगातार अवैध उत्खनन बदस्तूर जारी है। उक्त उत्खनन कर्ता को जिले के किसी विवादित एवं हरामखोर किस्म के एक कांग्रेसी नेता के नाक का बाल बताया जा रहा है। जिसका अवैध उत्खनन के मामले में गुरूर विकास खण्ड में तूती बोलने की भी जानकारी मिला है, तथा उनके रसूख के चलते उन पर कार्यवाही करने में अच्छे अच्छे अधिकारियों को भी सांप सूंघ जाने की बात बताया जा रहा है। तथा इसी का नाजायज फायदा उठाकर उक्त अवैध उत्खनन कर्ता अवैध कारोबार के बदौलत आज अरबों रुपए का आसामी हो जाने की भी जानकारी मिला है। अब आगे देखना होगा कि समाचार प्रकाशन के बाद क्या उन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने की जिला प्रशासन हिम्मत जुटा पाता है, या फिर उन दबंग माफियाओं के सामने नतमस्तक होकर घुटने टेके रहेंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों