न्यायायिक अभिरक्षा में युवक की मौत, प्रदेश में अराजकता का माहौल।
गृहमंत्री के नियंत्रण से बाहर हुआ गृह मंत्रालय, गृहमंत्री के इस्तीफे की उठी मांग।
बालोद/सजग प्रहरी/21 सितंबर 2024
छत्तीसगढ़ प्रदेश में इन दिनों कानून व्यवस्था के चरमरा जाने की खबरे लगातार फिजा में गुंजायमान हो रही है, वहीं कानून व्यवस्था को लेकर कई बड़े सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि इन दिनों प्रदेश में कई लगातार गंभीर अपराधिक घटनाएं घटित हो रही है,
लेकिन पुलिस महकमा है कि सिर्फ लकीर पीटने के अलावा अपराध पर काबू पाने में कोई विशेष उपलब्धि हासिल नही कर पा रही है। कवर्धा अंतर्गत लोहारीडीह में शिव प्रसाद की हत्या कर फांसी के फंदे में टांगने का परिजन आरोप लगा रहे हैं,
तो वहीं आक्रोशित ग्रामीणों के द्वारा शिव प्रसाद के मौत का जिम्मेदार मानते हुए रघुनाथ साहू के घर में आग लगा कर उन्हे जिन्दा जला दिए जाने की जानकारी मिला है।
तत्पश्चात मामले में सोमवार को गिरफ्तार किए प्रशांत साहू को न्यायायिक अभिरक्षा में पुलिस के द्वारा उनका बर्बरता पूर्वक जेल के अंदर हत्या किए जाने का भी आरोप लगा है, अवगत हो कि प्रशांत साहू के शरीर में चोट के कई गंभीर निशान स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है।
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार ऐसी घटना सामने आई है जहां गृहमंत्री के जिला होने के बावजूद कानून व्यवस्था में इतनी बड़ी लापरवाही देखने को मिली है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों मे कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा। इस तरह के पुलिस प्रशासन की लापरवाही एवं बर्बरता से प्रशांत साहू की मौत निश्चित ही सामाजिक दृष्टि से पूरे साहू समाज के लिए भी दुःखद घटना है, इस तरह के घटना से प्रदेश में भय का माहौल पैदा हो गया है।
उपरोक्त घटना को लेकर छत्तीसगढ़ साहू संघ रायपुर के महासचिव श्री हलधर साहू ने चिंता जाहिर करते हुए उक्त घटना को अत्यंत निंदनीय एवं बर्बरता करार दिया है। मामले में दोषी पुलिस कर्मी तथा पुलिस अधीक्षक पर सीधे FIR दर्ज कर घटना की न्यायायिक जांच की मांग किया है। उन्होंने गृहमंत्री पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि गृह मंत्रालय श्री विजय शर्मा जी से संभल नहीं पा रहा है, प्रदेश में लगातार एक के बाद एक कई बड़े बड़े अपराधिक घटनाएं घटित हो रही है।
जिनमें प्रमुख रूप से बलौदा बाजार अग्निकांड, रायगढ़ जिले में रक्षाबंधन पर्व के समय मेला देखने निकले बस का इंतजार कर रही एक महिला से आठ लोगों के द्वारा सामूहिक घृणित बलात्कार,
दुर्ग जिले के नंदनी खुंदनी में गणेश उत्सव के दौरान डीजे की धुन में नाचने को लेकर तीन लोगों की नृशंस हत्या,
बालोद जिले में विधायक पति के गुर्गों के द्वारा एक आदिवासी पत्रकार का अपहरण कर हत्या का प्रयास करते हुए मारपीट तथा एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि को घर से घसीटते हुए निकाल सरेराह अभद्रता करने की शर्मनाक घटना फिर भी आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस फिसड्डी साबित हुई।
इसी प्रकार उपजेल बालोद में लोकेश कुमार सिन्हा की न्यायिक अभिरक्षा में जेल प्रशासन की मारपीट से मौत होने का उनके परिजनों ने आरोप लगाकर उचित न्याय की गुहार लगाया था। लेकिन उक्त मामले का क्या हुआ अभी तक किसी को पता नही है। वहींं लोहारीडीह में हुए उक्त हत्याकांड जैसे कई गंभीर मामले जो कि गृह मंत्रालय के नियंत्रण से बाहर हो गए है। इसलिए उन्हें नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर गृह मंत्रालय से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी को भी चाहिए कि उनका इस्तीफा लेकर गृह मंत्रालय को किसी परिपक्व व्यक्ति को सौप देना चाहिए। चूंकि भाजपा में बड़े बड़े बुद्धिजीवी एवं सीनियर नेताओं की कमी नहीं है। अन्यथा आज जो परिस्थिति दिख रही है उसके हिसाब से भविष्य में कानून व्यवस्था की स्थिति और भी विकराल हो जाने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता। फिर वही बात चरितार्थ होगी कि “अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत” लेकिन हाथ मलने एवं पछताने से कुछ भी हासिल नही होगा।
