बालोद की बेटी किरण पिस्दा एवं शालिनी चौरका ने खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स में जीता गोल्ड मेडल, छत्तीसगढ़ का नाम किया रोशन
डौंडी (बालोद): छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स’ में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया है। इस विजेता टीम की कप्तान किरण पिस्दा एवं महत्वपूर्ण खिलाड़ी कुमारी शालिनी चौरका सहित अन्य सहभागीयों ने अपनी प्रतिभा के दम पर न केवल खेल जगत में अपनी पहचान बनाई, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य और अपने गृह जिले बालोद का मान भी बढ़ाया है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और स्थानीय गौरव
स्वर्ण पदक विजेता शालिनी चौरका बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक मुख्यालय की निवासी हैं। वे नगर पंचायत डौंडी की वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती मोहंतिन चौरका की सुपुत्री हैं। शालिनी की इस राष्ट्रीय उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि बस्तर और वनांचल क्षेत्रों की खेल प्रतिभाएं यदि सही अवसर पाएं, तो वे देश के शीर्ष पायदान पर पहुंच सकती हैं।

क्षेत्र में हर्ष की लहर और बधाइयों का तांता
शालिनी की इस गौरवशाली उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। उनकी माता मोहंतिन चौरका ने बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त किया है। इसके साथ ही, जिले के प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक व्यक्तित्वों ने शालिनी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
शुभकामनाएं देने वालों में अजा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष माधवन डोंगरे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणि चंद्राकर, भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख, जनसेवक राकेश यादव, यशवंत जैन और सौरभ लूनिया, संजीव मानकर, मनीष झा, जगत यादव प्रमुख रूप से शामिल हैं। क्षेत्र के समस्त गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने इस जीत को बालोद जिले के खेल इतिहास का एक सुनहरा अध्याय बताया है।

सफलता का महत्व
राष्ट्रीय स्तर पर ‘खेलो इंडिया’ जैसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ की आदिवासी महिला टीम का प्रथम आना राज्य में फुटबॉल के बढ़ते स्तर को दर्शाता है। शालिनी चौरका जैसी खिलाड़ियों की सफलता से आने वाली पीढ़ी की अन्य युवतियों को भी खेलों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलेगी।
