नगर पंचायत पलारी में कांग्रेस का ‘हाथ’ मजबूत, भाजपा की करारी शिकस्त; यानेश साहू ने लखन गुरुपंच को 506 मतों से हराया
बालोद/पलारी: छत्तीसगढ़ के बालोद जिला अंतर्गत नगर पंचायत पलारी के नगरीय निकाय चुनाव में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। 01 जून को हुए मतदान के बाद आज, 04 जून को घोषित परिणामों में कांग्रेस ने प्रचंड जीत दर्ज करते हुए नगर पंचायत की सत्ता पर कब्जा जमा लिया है। कांग्रेस प्रत्याशी यानेश साहू ने भाजपा के दिग्गज नेता और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के पूर्व उपाध्यक्ष लखन गुरुपंच को 506 मतों के भारी अंतर से पराजित किया है।
पार्षद सीटों पर भी कांग्रेस का दबदबा
नगर पंचायत के कुल 15 वार्डों में से कांग्रेस ने 9 सीटों पर जीत का परचम फहराया है, जबकि भाजपा को मात्र 5 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। एक सीट पर दोनों दलों के बीच बराबरी की स्थिति रही। चुनाव परिणामों के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के यानेश साहू को कुल 2029 मत प्राप्त हुए, वहीं भाजपा के लखन गुरुपंच को 1523 वोट मिले।
दिग्गजों की साख दांव पर, भाजपा को मिली ‘मुंह की खानी’
यह चुनाव परिणाम भाजपा के लिए इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इसके बावजूद, सत्तासीन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषक इसे प्रदेश सरकार के अब तक के तीस महीनों के कार्यकाल और परफॉर्मेंस पर जनता का फैसला मान रहे हैं।
इन मुद्दों ने बिगाड़ा भाजपा का खेल
चुनाव में स्थानीय और जमीनी मुद्दों का गहरा असर देखने को मिला। किसानों को खाद-बीज के लिए होने वाली परेशानी, गृहणियों के बीच गैस सिलेंडर की किल्लत, बेरोजगारी और परीक्षा लीक जैसे मामलों से युवाओं में आक्रोश था। साथ ही कमरतोड़ महंगाई ने आम जनता को भाजपा के खिलाफ मतदान करने के लिए प्रेरित किया, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस प्रत्याशी को मिला।
कांग्रेस में जश्न, भाजपा खेमे में मायूसी
परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस खेमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया। वहीं, दूसरी ओर भाजपा कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है। यह जीत न केवल पलारी बल्कि प्रदेश की उन पांच नगरीय निकायों के रुझान को भी दर्शाती है, जहां हुए चुनावों में से 3 पर कांग्रेस ने कब्जा किया है और भाजपा केवल 2 सीटों तक सिमट गई है।
