आवारा पशुओं से कुरूदवासी है हलाकान

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  जिम्मेदारों को गैरजिम्मेदारी निभाने से फुर्सत नही                                  बसंत ध्रुव

कुरूद:–  खरीफ फसल धान की बुवाई कुरुद क्षेत्र में पूर्ण हो चुकी है, रोपाई चालू है धान के छोटे-छोटे पौधों को मवेशीयों द्वारा रौंदने और चराई से बचाने के लिए अब किसानों की बड़ी मशक्कत करना पड़ रहा है। धान के छोटे-छोटे पौधों को जानवर के मुंह मारने से पौधे उखड़ रहे हैं, किसान पहले बोनी किए हुए धान में  खाद डालने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों की सबसे बड़ी समस्या आवारा मवेशियों की है जो नगर की सड़कों व सकरी गलियों को रात दिन अपना शरण स्थल बनाये हुए है जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है। वहीं स्कूली बच्चों को झुंड में बैठे मावेशीयों से हमेशा खतरा बना रहता है, झुंड में मवेशी झगड़ते हैं,  इधर-उधर भागते हैं जिससे चार पहिया वाहन मालिकों को दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं दो पहिया वाहन मलिक, साइकिल सवार स्कूली, बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नगर प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है ऐसे आवारा मवेशियों को पकड़ कर कांजी हाउस, गौशाला में चारा पानी की व्यवस्था कर रखें। कुरूद नगर में इन आवारा मवेशियों के द्वारा वार्ड के घरों में चुपचाप घुसकर राशन सामान भी चट कर जाते हैं, गली-गली में गोबर का ढेर लगा रहता है। इन आवारा मवेशियों के कारण वार्ड वासी, व्यापारी दुकानदार भी परेशान है।

                                     माखन लाल

वक्तव्य:–

(01) शेखर चंद्राकर किसान नेता–
छत्तीसगढ़ सरकार सड़कों पर खुले में घूमने वाले आवारा पशुओं को संरक्षण देने साथ ही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए साय सरकार छत्तीसगढ़ में गोवंश अभ्यारण योजना लेकर आ रही है। गौशाला में लावारिस जानवर को रखा जाए और चारा पानी की व्यवस्था की जाए।
(02) माखन साहू नागरिक–
नगर के चौक,चौराहा,गलियों में बेसहारा पशुओं का डेरा कभी ना खत्म होने वाली समस्या बन गई है।                 †(03) लाला चंद्राकार किसान संघ अध्यक्ष– सुबह से लेकर रात तक बेशहारा पशुओं सड़कों पर खड़े रहते हैं, उन्हें सड़क से भागने की कोशिश में दुर्घटनाएं घट जाती है इन मवेशियों के कारण लोगों को यातायात करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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