सरकार का प्रशासन पर नही होगा नियंत्रण तो सरकार की अच्छी से अच्छी योजनाएं भी गुड़ गोबर ही होंगी साबित।

0
Share this news

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरूर में सीनियर सिटीजन के नियमों का उधेड़ रहे है धज्जियां।
अनुविभागीय अधिकारी प्राची ठाकुर के निर्देशों का भी नही हुआ असर।
अस्पताल प्रबंधन की गैर जिम्मेदारी के चलते कर्मचारी सावित्री बाई हो गए हैं बेलगाम।

बालोद (सजग प्रहरी)।  भारत सरकार ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए देश में 70 साल से अधिक उम्र के हर सीनियर सिटीजन को “आयुष्मान भारत” योजना के स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने का निर्णय लिया है। अवगत हो कि सीनियर सिटीजन के तहत इलाज करवाने अस्पताल पहुंचने वाले वयो वृद्ध लोगों को प्राथमिकता देते हुए पहले सुविधा उपलब्ध कराने का भी है प्रावधान। जिस पर बालोद भाजपा जिलाध्यक्ष पवन साहू सहित जिले के भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया है। लेकिन विडंबना यह है कि सरकार अच्छी अच्छी योजनाएं तो बनाती जरूर है, किंतु धरातल पर उनका नियमों के तहत क्रियान्वयन सही तरीके से देखने को नही मिल रहा है।

नियमों की धज्जियां उड़ाने का ताजा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरुर में शुक्रवार को देखने को मिला, जहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरूर में 15 किलोमीटर दूर से इलाज करवाने आए एक 80 वर्षीय बुजुर्ग को सीनियर सिटीजन के तहत फौरी तौर पर राहत देना तो दूर अस्पताल के महिला कर्मचारी नर्स सावित्री बाई के द्वारा बत्तमिजी करते हुए लाइन में लगने के लिए कहते हुए देखा गया। जबकि उस वक्त उस मरीज को चक्कर आ रहा था,  जिसे फौरी तौर पर इलाज की आवश्यकता थी। वहीं बुजुर्ग व्यक्ति के साथ सहयोग करने आए उनके सहयोगी के द्वारा उनके उम्र एवं परिस्थिति का हवाला देते हुए प्राथमिकता के आधार पर पहले ट्रीटमेंट करने का अनुरोध करने पर उक्त महिला कर्मचारी नर्स उनसे भी उलझ गया तथा बत्तमिजी करने लगा साथ ही उस नर्स के सह पर कथित रूप से इलाज करवाने आए उनका करीबी रिश्तेदार कुलिया निवासी हीरा लाल भी बत्तमिजी करने लगा। मामले की जानकारी होने पर अस्पताल पहुंचे मीडिया के लोगों के साथ भी उक्त महिला कर्मचारी नर्स सावित्री बाई तथा उनका रिश्तेदार हीरा लाल ने अभद्रता की। वहीं मामले पर हस्ताक्षेप करने अस्पताल में कोई जिम्मेदार अधिकारी भी नजर नहीं आए। मामले की जानकारी अनुविभागीय अधिकारी प्राची ठाकुर को दिए जाने पर उनके द्वारा अस्पताल प्रबंधन को सीनियर सिटीजन के नियमों का कड़ाई से पालन किए जाने का निर्देश दिया गया, लेकिन अस्पताल प्रबंधन को अनुविभागीय अधिकारी के भी आदेशों का कोई असर नहीं हुआ बल्कि उक्त महिला कर्मचारी नर्स के द्वारा इस 80 वर्षीय बुजुर्ग मरीज को दुर्भावनावश पौन घंटे तक उनके बारी आने का इंतजार करवाता रहा। मामले पर ब्लाक चिकित्सा अधिकारी सुनील भारती का प्रतिक्रिया जानने मीडिया ने उनसे संपर्क करना चाहा तो उनके द्वारा बताया गया कि वे अभी बाहर बोड़रा, धनेली क्षेत्र में दौरे पर हैं, दोपहर बाद तीन बजे वापस आने पर मिलकर चर्चा करेंगे। वहीं तीन बजे मीडिया के लोग उनसे मिलने पुनः अस्पताल पहुंचे तो फिर उसने बताया कि वे पुनः दौरे में पुरूर क्षेत्र की ओर निकल गए हैं आज कोई मुलाकात या चर्चा नही हो सकती, इस तरह से जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुरुर में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी कितना गैर जिम्मेदार एवं बेलगाम हो गए है तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कर्मचारियों के रिश्तेदारों के द्वारा भी दखलंदाजी किया जाने लगा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि सरकार ऊपर में कितना भी अच्छा से अच्छा योजनाएं बनाए यदि धरातल पर उनका क्रियान्वयन सही तरीके से लागू नहीं होगा तो ऐसी योजनाएं आम लोगों के लिए कोई मतलब का नहीं है। इस पर सरकार एवं सरकार के लोगों को गंभीरता से सोचना होगा तथा गैर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी पर त्वरित रूप से कार्यवाही करते हुए योजनाओं का लाभ समुचित रूप से प्रभावी तौर पर सबके लिए सहज सुलभ हो सुनिश्चित करना होगा अन्यथा सरकार की अच्छी से अच्छी योजनाएं भी गुड़ गोबर ही साबित होगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों