राजनीतिक दबाव के चलते ठेकेदार को बनाया जा रहा है बलि का बकरा।

0
Share this news

कुरूद (सजग प्रहरी)।   मुख्य नगर पालिका अधिकारी लोक निर्माण विभाग कार्य आदेश 2024 -25  मेसर्स स्वास्तिक इंफा कुरूद को निकाय मद से वार्ड क्रमांक 10 वृंदावन तालाब किनारे 15 नग शॉपिंग कांप्लेक्स निर्माण कार्य लागत राशि 40.50 लाख रुपए अनुबंध दिनांक  27/09/2024 स्वीकृत दर 8.46% कम CG PWD  बिल्डिंग SOR  01/01/2015 से कार्य पूर्ण अवधि 06 माह अनुबंधित राशि 3707370.00 रुपए निकाय मद निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को कार्य आदेश जारी कर 06 माह में कार्य पूर्ण करने का आदेश देने के बाद उक्त आदेश अनुसार ठेकेदार द्वारा कार्य शुरू किया गया था। लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते बिना कोई पूर्व सूचना के अवैधानिक तरीके से ठेकेदार द्वारा की गई निर्माण कार्यों को नगर पंचायत कुरूद द्वारा तुड़वा दिया गया जिससे ठेकेदार को लाखों रुपया का नुकसान हुआ है।

मामले को लेकर ठेकेदार ने कहा कि प्रशासन द्वारा राजनीतिक दबाव में अनुबंध शर्तानुसार किए गए कार्यों को ठेकेदार को निर्माण कार्य की भुगतान किए बिना ही अपनी खाल बचाने के लिए ठेकेदार को बलि का बकरा बनाकर मनमानी तरीके से बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया गया है जो कि नियमानुसार अनुचित है। अब तक के अनुबंध अनुसार किए गए निर्माण कार्यों को किए गए तोड़ फोड़ को लेकर उन्होंने नगर प्रशासन से क्षतिपूर्ति की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि नगर पंचायत द्वारा किए गए कार्यों के खर्च की राशि जल्द से जल्द प्रदान नहीं की जाती है तो वह इस संबंध में न्यायालय की शरण लेंगे।

अवगत हो कि नगर पंचायत द्वारा निविदा प्रक्रिया के तहत न्यूनतम दर होने पर काम को स्वीकृत कर कार्यादेश प्रदान किया गया था जिसके बाद ठेकेदार के द्वारा फाउंडेशन लेवल तक का काम पूर्ण कर कॉलम खड़े कर चुके थे। स्थानीय विधायक के धरना प्रदर्शन के बाद कार्य में स्थगन हेतु आदेश उपरांत काम बंद कर दिया गया था। फिर आज 25 अक्टूबर को अचानक सुबह से इंजीनियर के द्वारा कॉलम को तोड़वाने का मौखिक आदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा विधिवत किए गए निर्माण कार्य को बिना गलती के स्वयं तोड़ने से मना करने पर नगर पंचायत के द्वारा मनमानी तरीके से जे.सी.बी. लेकर सी.एम.ओ., इंजीनियर, तहसीलदार एवं पटवारी के उपस्थिति में कॉलम को उखाड़ कर तोड़फोड़ किया गया है। जबकि उक्त कार्य हेतु ठेकेदार को अभी तक एक भी रुपया भुगतान नहीं किया गया है।

वहीं मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुरूद महेन्द्र राज गुप्ता ने कहा कि पानी की भूमि ज्ञात होने पर निर्माण कार्य रुकवाया गया है। नगर प्रशासन किसी की दबाव में आकर ठेकेदार को बलि का बकरा नहीं बनाया है।

 

           वरिष्ठ पत्रकार बसंत ध्रुव एवं गोकुलेश सिन्हा की रिपोर्ट 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों