जनपद पंचायत गुरूर के पूरे पांच साल का कार्यकाल निराशा जनक रहने का लगा आरोप।
जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष महोदय स्वर्गीय महान आत्माओं के माथे से कर्ज नहीं उतार पाए हैं।

बालोद जिला के जनपद पंचायत गुरूर पूरे पांच साल विवादों में बताया जा रहा है। जहां पर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के मौन साधना के चलते क्षेत्र के सचिव, सरपंचों से पूरे पांच साल जनप्रतिनिधियों, उच्चाधिकारियों, मीडिया संस्थानों को कथित रूप से मैनेज करने के नाम पर किए गए लगातार वसूली के आरोप यहां के एक उच्च अधिकारी के ऊपर लगते रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार पदाधिकारियों ने मामले को लेकर अभी तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है। जिससे आम जनता मामले को आसानी से समझ भी रहे हैं।

अवगत हो कि इनके निष्क्रियता के कई उदाहरण है जिसमें पिछले चुनाव में तत्कालीन ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष स्व. श्री भागीरथी नागवंशी जी के कुशल नेतृत्व एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता स्व. श्री भूपत साहू के मार्गदर्शन तथा पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा के सहयोग से कांग्रेस पैनल ने शानदार विजय हासिल कर प्रभात ध्रुवे को अध्यक्ष एवं तोषण लाल साहू को उपाध्यक्ष के पद पर पदासीन किया था। तत्संबंध में विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में समाचार एवं शुभकामना संदेश प्रकाशित करवाया गया था।

उक्त चुनाव में अपनी महती भूमिका निभाने वाले जनपद उपाध्यक्ष के पिता स्व. श्री भूपत साहू एवं स्व. श्री भागीरथी नागवंशी जी जिनका उक्त शुभकामना संदेश में शीर्ष में तस्वीर लगा हुआ है इस दुनिया से अलविदा हो गए है, लेकिन आज तक जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष महोदय के द्वारा समाचार पत्रों में प्रकाशित उक्त शुभकामना संदेश के बिल का भुगतान नहीं करवाया जा सका है। जिसके चलते उपरोक्त महान आत्माओं के ऊपर आज भी कर्ज का बोझ चढ़ा हुआ है जिसे कर्ज मुक्त करना इन पदाधिकारियों की नैतिक जिम्मेदारी है। लेकिन इन पदाधिकारियों ने उन दिवंगत नेताओं के उपकार को गुड़ गोबर करने में आमदा दिखाई दे रहे हैं।
