आयुर्वेद अस्पताल में सिर्फ चार दिन की ड्यूटी और ले रहे हैं महीने भर का पगार।
शासन प्रशासन का नियंत्रण नहीं, अधिकारी की मनमानी जारी।

कुरूद/ सजग प्रहरी।
धमतरी जिले के सिविल अस्पताल कुरुद परिसर में आयुर्वेद अस्पताल भी संचालित है जहाँ बड़ी संख्या में मरीज ईलाज के लिए आते है , लेकिन विडंबना यह है कि इस अस्पताल में जो विशेषज्ञ डॉक्टर है वो हमेशा नदारद रहता है। खंड चिकित्सा अधिकारी सिविल अस्पताल कुरुद के अधीन संचालित यह अस्पताल सिर्फ पंचकर्म सहायक और औषधालय सेवक के भरोसे संचालित हो रहा है। बीएमओ साहब को इस अस्पताल से कोई मतलब नहीं हैं। शासन एक ओर लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के नाम से विभिन्न प्रकार के योजनाएं संचालित कर रही हैं पर आलम यह हैं कि कुरुद के स्पेशिलाइजड थेरेपी सेंटर बिना विशेषज्ञ चिकित्सक के भरोसे संचालित हो रहा है जिसके चलते मरीजों को भटकना पड़ रहा है।

प्राप्त जानकारी अनुसार इस अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक सप्ताह में एक दिन ही अपनी सेवा प्रदान करती है इस तरह महीने में कुल चार दिन की उपस्थिति में महीने भर का वेतन प्राप्त कर शासन को आर्थिक नुकसान पहुँचा रही है जिससे जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है। इसके लिये जिला स्तर के अधिकारियों को चाहिए कि मोदी की गारंटी और साय सरकार का सुशासन का मान रखते हुये एयर कंडीशनर में बैठे अधिकारियों से काम ले! वरना ये अधिकारी सरकार के टैग लाइन को कहावत मात्र समझ कर मन माफिक तरीके से कार्य करते रहेंगे।
इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग कुरुद के भी कुछ कर्मचारी है जिन्हें बिना ड्यूटी किये ही मोटी तनख्वाह पाने की जानकारी मिला है। बताया जाता है कि वे बीएमओ साहब के अपने करीबी या सगा संबंधी है, जिन्हें कुछ भी करने की आजादी मिली हुई है, उनकी हर गलती माफ है। वहीं यह भी बताया जाता है कि बाकी नीचे पद वाले कर्मचारी अगर धोखे से भी इसका विरोध करे तो विरोध करने वाले कर्मचारी की खैर नहीं। अधिकारी उन्हें अपने टारगेट में रखते है तथा उनकी छोटी सी भी लापरवाही या गलती पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, वेतन काटने अन्यत्र ड्यूटी लगाने जैसे कई प्रकार के हथकंडे अपनाते की जानकारी मिला है। अब देखना होगा कि मामले की सच्चाई सार्वजनिक हो चुकी है तथा व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है ऐसे में शासन प्रशासन व्यवस्था को दुरुस्त करने कुछ पहल भी करते हैं या ऐसे ही भगवान भरोसे चलते रहेंगे ये आयुर्वेदिक अस्पताल और मरीज अपने भाग्य को कोसते रहेंगे।
प्रदेश ब्यूरो विद्या सागर गंजीर की रिपोर्ट
