क्षेत्रीय पंचायत एवं प्रशिक्षण केन्द्र के मेस का संचालन में कूटरचित दस्तावेजों का बड़ा खेल।

0
Share this news

लाखों रुपयों की घोटाले की संभावना, जांच में होंगी बड़ा खुलासा।

धमतरी सजग प्रहरी।  क्षेत्रीय पंचायत एवं प्रशिक्षण केन्द्र कुरूद जिला धमतरी अपने आप में भंडार क्रय नियम का पुरजोर उल्लंघन करते हुये उक्त संस्थान में संचालित होने वाले मेस का संचालन विगत 13–14 वर्षो से एक ही समूह को बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के दिया जा रहा है। उक्त जानकारी सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों की अवलोकन से पता चला। आरटीआई के तहत मिले भ्रामक एवं आधी अधूरी जानकारी के प्रथम अपील दिनांक 09 अप्रैल 2025 को प्रथम अपील में जनसूचना अधिकारी से प्राप्त कूटरचित दस्तावेजों से संभाग स्तरीय इस कार्यालय में नियमो की अनदेखी और  भ्रष्टाचार साफ प्रतीत हो रहा है।


गौर करने वाली बात है कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मिले (कूटरचित) दस्तावेजों में  इकरारनामा वाले स्टाम्प में दिनांक अंकित नहीं है, वहीं 50 रुपये के स्टाम्प में पीछे भरे जाने वाले जानकारी में अंको में 10 रुपये और शब्दों में भी दस रुपये अंकित है, इसी प्रकार ना तो स्टाम्प लेने वाले का नाम अंकित है और ना ही इकरारनामा पाने वाले संस्था का नाम।


अवगत हो कि क्षेत्रीय पंचायत प्रशिक्षण केन्द्र कुरूद में भोजन प्रदाय किये जाने के संबंध में मंगाये गये टेण्डर के संबंध में जानकारी चाही गई थी। जिसमें इस विभाग द्वारा निविदा के लिये किसी प्रकार के भंडार क्रय नियम के तहत किसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है। विभाग से चाही गई जानकारी भी आधी अधूरी  जानकारी उपलब्ध  कराई गई है। जितने भी दस्तावेज विभाग द्वारा आरटीआई के तहत प्रदान किया गया है, वे सभी दस्तावेज प्रथम अपीली अधिकारी भी शायद समझ नहीं पाए कि उनके नीचे के अधिकारी ने उनके ही समक्ष कुट रचित दस्तावेज उपलब्ध करा दिया।


लंबे समय से इस विभाग में जमे एक अधिकारी का कार्यशैली में भ्रष्टाचार की गंध आने लगी है, उनके द्वारा प्रदाय किए गए कई (दस्तावेजों) जानकारी में दिनांक तक अंकित नहीं है तथा उसमें विभाग का नोटशीट में ना ही दिनांक है ना किसी कार्य के लिये नोटशीट बनाया गया है और ना ही उसका विषय है। समूह द्वारा दिये पत्र में भी दिनांक अंकित नहीं है। तथा कार्यादेश जारी किए गए समूह पर इतना मेहरबानी कि नियम का मखौल उड़ाते हुए उनसे अमानत राशि तक नहीं लिया गया है। इस प्रकार से संस्था द्वारा भोजन टेंडर के नाम पर कई प्रकार के अनियमितता किए जाने का आरोप है। मामले को अवलोकन करने से पता चलता है कि सिर्फ अपने निजी लाभ व एक व्यक्ति विशेष के समूह को अनुचित लाभ देने के उद्देश्य से इस संस्था द्वारा एक ही समूह को भण्डार क्रय नियम को ताक पर रखकर मेस संचालन का कार्य दिया गया है।

विदित हो कि एक ओर छत्तीसगढ़ की बिष्णु देव साय सरकार जोर शोर से सुशासन दिवस मना रहा है। सुशासन को लेकर क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व पंचायत मंत्री सरकार के क्रिया कलापों को लेकर आम जनता के बीच सरकार की उपलब्धि गिना रहा है तो वहीं दूसरी ओर बेखौफ क्षेत्रीय पंचायत एवं प्रशिक्षण केन्द्र कुरूद सुशासन दिवस को ठेंगा रहा है। शासन के महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह से भ्रष्टाचार सीधे सरकार और आमजन को चुनौती दे रहा है । जागरूक लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिन अधिकारियों द्वारा इस प्रकार का कृत्य किया गया है, नियम विपरित जितनी राशि का भुगतान भोजन के नाम पर किया गया है उसकी वसूली उन्हीं अधिकारियों से कर शासन को हुई नुकसान का भरपाई किया जाना चाहिये। मामले को लेकर आर.टी.आई. कार्यकर्ता कृष्णा गंजीर ने बताया कि वे इस संबंध में राज्य सूचना आयोग में अपील करेंगे साथ ही सरकार से इस संबंध में समस्त दस्तावेजों के साथ लिखित शिकायत भी करेंगे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हो सकता है आप चूक गए हों