गुरूर ब्लाक में अवैध जुआ सट्टा, गांजा एवं शराब का खेल जोरों पर, नहीं हो रही हैं उचित कार्यवाही। अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद।

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नगर गुरूर सहित विकास खण्ड के कई बेरोजगार युवाओं को मौत के आगोश में ले चुका है गांजा की नशा तथा जुआ सट्टा का अवैध खेल।

बालोद सजग प्रहरी /23 अप्रैल 2025
बालोद जिले के संजारी बालोद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नगर गुरूर सहित पूरे विकास खण्ड गुरूर में एक बार फिर पैर पसारने लगी है अवैध शराब बिक्री, गांजा तस्करी, जुआ सट्टा का अवैध खेल। पूर्व में इन काले कारोबार के गिरफ्त में आकर कई बेरोजगार युवाओं ने कम समय में करोड़पति बनने के लालच में आकर अपने भविष्य को कर्ज के गर्त में धकेल लिया है, तो कई युवाओ ने कर्ज में लदकर अपनी जीवन लीला तक को समाप्त कर चुके हैं, वहीं  विकास खण्ड के कई लोग गांजा एवं शराब के नशे में अपना घर परिवार तक को तबाह कर चुके हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन की खुफिया विभाग का पता नहीं कि ऐसी कौन सी चिड़िया है जिसकी सुराग का पता लगाने में व्यस्त है कि इन्हें  फुर्सत नहीं मिल पा रहा है क्षेत्र में क्या क्या कारनामे हो रहे है। यहां इतनी बड़ी बड़ी घटनाएं घटित हो गई लेकिन कानून का हाथ इन अवैध कारोबारियों तक नहीं पहुंच पा रही है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर गुरूर के वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में अवैध रूप से शराब बिक्री सहित गांजा की तस्करी एवं बिक्री बदस्तूर जारी है। इसी प्रकार नगर के पुराना बस स्टैंड के पास एक सत्तादल के एक नेता जी के दुकान में धड़ल्ले से आन–लाइन जुआ सट्टा का खेल संचालित होने की जानकारी मिला है तो वहीं बाजार चौंक में घुसने वाली गली के एक किराने की दुकान में विगत दस–पंद्रह वर्षों से भी अधिक समय से हाईटेक तरीके से सट्टा पट्टी लिखे जाने की जानकारी मिला है। इसी प्रकार तहसील कार्यालय जाने वाली मार्ग में शनि मंदिर के पास एक दुकान में भी सट्टा पट्टी लिखने की चर्चा जोरों पर है। इसके अलावा ग्राम कन्हारपुरी के एक बड़े सटोरिए जो कि चंद दिनों पहले ही तीन चार महीने की आपराधिक कृत्य के जुर्म में जेल यात्रा कर वापस आया हुआ है बेखौफ होकर फिर इस सामाजिक बुराई का अवैध खेल जुआ सट्टा में लिप्त हो गया है।

बताया जाता है कि इन सटोरिए एवं गांजा कारोबारियों तथा अवैध शराब बिक्री करने वाले बदमाशों को पूर्ववर्ती सरकार के अहम पर एक बदतमीज एवं नालायक किस्म के स्थानीय कांग्रेस नेता ने संरक्षण दे रखा था, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब बिष्णु देव साय की सरकार में अवैध शराब बिक्री, गांजा तस्करी, सट्टा पट्टी जैसे सामाजिक बुराई के कारोबार पर लगाम लगेगी तथा क्षेत्र में शांति बहाली होगी, लेकिन लोग उस समय अपने आप को ठगा हुआ महसूस करने लगे जब क्षेत्र में चर्चा होने लगी कि इन अवैध कारोबार पर तो लगाम लगी ही नहीं बल्कि संरक्षण देने वाले बदल कर दूसरे आ गए है। पहले पूर्ववर्ती सरकार के कुछ नालायक लोग संरक्षण दे रहे थे और अब वर्तमान सरकार के एक निर्वाचित जन–प्रतिनिधि का नाम जोर शोर से सुनाई दे रहा है। अब देखना होगा तथा पता भी लगाना होगा कि आखिर वो ऐसा कौन नेता है जो कि इन दिनों के इंतजार में बैठा रहा, कि कब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होगी और उन्हें भी इन अवैध कारोबारियों से हराम की खाने का शौभाग्य प्राप्त होगा।

इन अवैध कारोबार से प्रभावित क्षेत्र के जागरूक एवं पीड़ित लोगों ने मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन सहित राज्य सरकार से मांग किया है कि इन आपराधिक गतिविधियों एवं कृत्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगाकर इन काले कारोबार में संलिप्त लोगों पर कठोर कानूनी कार्यवाही किया जाए। तथा क्षेत्र में शांति बहाली कायम रहे। अब देखने वाली बात होगी कि मामले में खबर प्रकाशन के बाद प्रशासन अपनी जिम्मेदारी कितनी ईमानदारी से निभाते है।

 

 

 

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