क्षेत्र में सामाजिक समरसता एवं सौहाद्र के मिसाल हैं भानु चंद्राकर!
कुरूद / सजग प्रहरी /28/09/2025
बीते दो दशकों से भी अधिक समय से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों जैसे कार्यों को लगातार कुरुद क्षेत्र में करते हुए भानू चंद्राकर जी का एक अपना अलग पहचान बन चुका है। क्षेत्र में विभिन्न तरह के वैचारिक मतभेद होने के बाद भी लोगों को एक सूत्र में बांध रखे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के व्यक्तियों को भी अपने सेवाभावी विचारों में जोड़कर रखे हुए हैं। निश्चित ही इस समय समाजसेवी भानू चंद्राकर जी सामाजिक समरसता के मिसाल बन चुके हैं।
वन्दे मातरम् परिवार समिति के अध्यक्ष एवं समाज सेवी भानु चंद्राकर जी का मानना है कि संसार में प्रेम और सदभाव से बढ़कर कुछ भी नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवता ही मनुष्य का एक धर्म है। बाकी अपने स्वार्थ के लिए बनाई गयी व्यवस्था मात्र है।
अवगत हो कि कुरूद नगर में वे 26 वर्षों से लगातार दशहरा महोत्सव करते आ रहे हैं। इस दौरान महोत्सव के मंच पर चंद्राकर जी सभी लोगों को बुलाकर सम्मानित करते रहे हैं।



गरीब, मजदूर, किसान, व्यापारी चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हुए व्यक्ति क्यों ना हो सभी के साथ समदर्शी भाव में रहते हैं। इन्हीं सब कारणों से भानु चंद्राकर जी ने सामाजिक समरसता का मिशाल कायम किया हुआ है।

इसी तरह वे बोल बम सेवा समिति का संचालन भी कर रहे हैं, जिसके माध्यम से वे विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यों को अनवरत 26 वर्षों से कुरूद की पावन भूमि में कराते आ रहे हैं।

वे मनुष्य जीवन को सेवा कार्य के लिए मानते हैं और इसी उद्देश्य को लेकर लगातार लोगों के बीच निः स्वार्थ भाव से अपनी सेवा दे रहे हैं। किसी की भी दाह संस्कार हो उनके लिए मुफ्त लकड़ी की व्यवस्था करना उनकी समिति का उद्देश्य है। इनके मृदुभाषी और सरल स्वभाव के कारण लोग जुड़ते हैं और वैचारिक भिन्नता के कारण भी एकता को बनाए रखने में सफल है।

जरूरत पड़ने पर मरीजों को ब्लड उपलब्ध कराने में जो सहयोग इनसे मिलता है वे काफी सराहनीय रहा है। जनसरोकार के लिए युवाओं का एक विशाल संगठन निर्माण में भानू चंद्राकर की सराहना की जाती है, जो प्रत्येक सामाजिक समस्याओं को हल करने में तत्पर रहते है। उनके सेवा भाव का बखान जितना की जावे कम ही होगा।
वरिष्ठ पत्रकार बसंत ध्रुव
