बालोद में 24 अप्रैल को जुटेगा श्रमिकों का महाकुंभ, शासन की कल्याणकारी योजनाओं से होंगे लाभान्वित
बालोद। छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जिले के श्रमिकों को सीधे जोड़ने और उन्हें लाभान्वित करने के उद्देश्य से आगामी 24 अप्रैल को बालोद में एक विशाल ‘श्रमिक सम्मेलन’ का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय बालाजी रिसॉर्ट में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में जिले भर से हजारों श्रमिकों के जुटने की संभावना है, जहां उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री और सहायता राशि का वितरण किया जाएगा।
सुबह 10 बजे से होगा योजनाओं का पिटारा
जिला प्रशासन और श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन तांदुला पुल के समीप स्थित ‘बालाजी रिसॉर्ट’ में सुबह 10:00 बजे से प्रारंभ होगा। जानकारी के अनुसार, इस सम्मेलन का मुख्य फोकस उन पंजीकृत श्रमिकों पर है, जो अब तक किन्हीं कारणों से सरकारी लाभों से वंचित रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मंच से पात्र हितग्राहियों को चेक, साइकिल, सिलाई मशीन और सुरक्षा उपकरणों जैसी सामग्री का वितरण किया जाएगा।
श्रमिकों के उत्थान के लिए बड़ा कदम
उल्टा पिरामिड शैली के तहत मुख्य तथ्यों पर गौर करें तो इस आयोजन का उद्देश्य केवल लाभ वितरण ही नहीं, बल्कि श्रमिकों के बीच जागरूकता पैदा करना भी है। सम्मेलन में विभाग के अधिकारी उपस्थित रहकर नई योजनाओं की जानकारी देंगे और मौके पर ही नए पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध करा सकते हैं। शासन का लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़े श्रमिक को भी मुख्यमंत्री और श्रम विभाग की योजनाओं—जैसे शिक्षा प्रोत्साहन योजना, विवाह सहायता और स्वास्थ्य बीमा—का लाभ मिले।
तैयारियां अंतिम चरण में
आयोजन को लेकर बालोद जिला प्रशासन मुस्तैद नजर आ रहा है। बालाजी रिसॉर्ट में विशाल पंडाल और श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था की जा रही है। तांदुला पुल के पास स्थित होने के कारण यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को इस सम्मेलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
एक नज़र में मुख्य विवरण:
• आयोजन की तिथि: 24 अप्रैल
• समय: सुबह 10:00 बजे से
• स्थान: बालाजी रिसॉर्ट, तांदुला पुल के पास, बालोद
• मुख्य आकर्षण: शासन की योजनाओं का लाभ वितरण एवं विभागीय मार्गदर्शन।
इस सम्मेलन के माध्यम से शासन अपनी उन उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाना चाहता है, जो सीधे तौर पर श्रम शक्ति को आर्थिक मजबूती प्रदान करती हैं।
