सरकार की कछुआ गति से धान खरीदी के चलते किसान हो रहे हैं परेशान– चंद्रशेखर चंद्राकर

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कुरूद/सजग प्रहरी/28 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ शासन प्रदेश के समस्त पंजीकृत किसानों का 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान ( कथित रूप से एक एक दाना धान) समर्थन मूल्य पर खरीदने का खूब ढिंढोरा पीट रहा है। लेकिन प्रदेश सहित धमतरी जिले के समस्त सोसायटियों में कछुआ गति से चल रही धान खरीदी से किसान खासे परेशान बताए जा रहे हैं। वहीं टोकन कटवाने के लिए भी भारी मशक्कत करना पड़ रहा है 

अवगत हो कि किसानों के पास कृषि कार्य में आने वाली खर्चों एवं जीवन निर्वाह के लिए सिर्फ अपनी उपज को बेंचकर रूपयों की व्यवस्था करना एक मात्र विकल्प होता है। लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार ने टोकन पद्धति में व्यापक स्तर पर नियमों में परिवर्तन करने  की बात बताई जा रही है। जिसके कारण जरूरत मंद किसानों का आवश्यकता अनुसार टोकन नहीं कट रहा है तथा वे अपनी उपज धान को समय पर बेच नहीं पा रहे हैं फलस्वरूप दुनिया को भोजन परोसने वाला अन्नदाता खुद मजदूरों का मजदूरी भुगतान, ट्रैक्टर का किराया, हार्वेस्टर का किराया भुगतान करने हेतु पाई पाई पैसों के लिए मोहताज हो गए हैं तथा मजबूरी में तात्कालिक व्यवस्था हेतु अपने उपज को बिचौलियों के पास बेचने मजबूर है।

      चंद्रशेखर चंद्राकर, पूर्व अध्यक्ष वृह. सेवा सह. स. कुरूद 

उपरोक्त परिस्थितियों को लेकर वृहताकार सेवा सहकारी समिति कुरूद के पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर चंद्राकर ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की धान खरीदी योजना किसानों के आशा के विपरीत सुस्त दिख रहा है। वर्तमान में धान खरीदी का दौर संतोष जनक नहीं दिख रहा है। वर्तमान में बारह सौ से तेरह सौ क्विंटल प्रतिदिन की खरीदी जारी की गई है। इससे धान खरीदी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कम से कम दो हजार क्विंटल से अधिक खरीदी प्रतिदिन की जाए। वहीं उन्होंने कहा कि 50% टोकन ऑनलाइन से की जाए और 50% टोकन आफ लाइन सोसाइटी के माध्यम से की जाए। चूंकि कई किसान ऐसे हैं जो ऑनलाइन को नहीं जानते, छोटा मोबाइल चलाते हैं इसीलिए यह सुविधा अनिवार्य रूप से किया जाए। शासन में बैठे हुए प्रबुद्ध जन इस ओर ध्यान दें और इसे तत्काल जारी करें किसान हित की बात करने वाले सरकार किसानों के साथ ना इंसाफी ना करें।

 

                    वरिष्ठ पत्रकार बसंत ध्रुव की रिपोर्ट 

 

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