ग्राम पंचायत सोंहपुर में महिला सरपंच बनी मोहरा, पति का दखलंदाजी जारी।
बालोद / सजग प्रहरी।
बालोद जिला अंतर्गत गुरूर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत सोंहपुर में महिला सरपंच के पति द्वारा पंचायत सहित विभिन्न कार्यों में दखलंदाजी किए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। वहीं सरपंच पति के अनावश्यक दखलंदाजी से ग्रामीणों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है।
मामले को लेकर ग्राम पंचायत सोंहपुर के उपसरपंच लोकेंद्र हिरवानी, पूर्व सरपंच गोकुल साहू सहित ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि ग्राम पंचायत सोंहपुर की महिला सरपंच के पति के द्वारा लगभग सभी कार्यों में अनावश्यक रूप से दखलंदाजी किया जा रहा है, महिला सरपंच मात्र मोहरा बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर सरपंच पति दबंगई पर उतारू है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच पति अपने आप को महिला सरपंच का पति होने के कारण स्वाभाविक रूप से सरपंच प्रतिनिधि घोषित कर चुका है। जबकि पंचायती राज अधिनियम में सरपंच को किसी भी प्रकार से सरपंच प्रतिनिधि नियुक्त करने का कोई प्रावधान ही नहीं है। वहीं सरपंच पति का अपना अलग दलील है कि सरपंच हर जगह पर उपस्थित नहीं हो सकती इसलिए सरपंच की ओर से वे स्वयं प्रतिनिधित्व करेंगे।
ताजा मामले पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत सोंहपुर में जल जीवन मिशन के तहत एक करोड़ रुपए से अधिक की लागत से पानी टंकी का निर्माण किया गया है जो कि लोकार्पण के पहले ही अपनी बदहाली की कथा बयां कर रहा है। ग्रामीणों ने उक्त बदहाल पानी टंकी को डिस्मेंटल घोषित करने कलेक्टर बालोद के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया है। जिस पर कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उपरोक्त मामले में जांच टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मंगवाने की बात कही है। तथा आवश्यतानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। लेकिन दूसरी ओर सरपंच पति पानी टंकी निर्माण एजेंसी से मिलीभगत कर ग्रामीणों के खिलाफ जाकर उक्त बदहाल पानी टंकी को गुणवत्ता युक्त बताते हुए शिकायतकर्ता ग्रामीणों के साथ हुज्जत बाजी पर उतारू बताए जा रहे हैं जिसके चलते ग्राम का माहौल खराब हो रहा है। वहीं सरपंच पति के द्वारा उपसरपंच एवं पूर्व सरपंच के साथ बत्तीमीजी किए जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिसमें पूर्व सरपंच के साथ दादागिरी करते हुए उनका हाथ पकड़ लिया था, जिससे माहौल और ज्यादा गरमा गया है तथा कभी भी ग्राम में अशांति फैलने की आशंका बनी हुई है। अब देखना होगा कि सरपंच पति का दबंगई एवं ग्रामीणों का आक्रोश कौन सा नया गुल खिलाएगा?
