अवैध निर्माण पर चला प्रशासनिक बुलडोजर, नगर गुरुर हुआ पुलिस छावनी में तब्दील।
अमित मंडावी
गुरुर:– बालोद जिले में संजारी बालोद की विधायिका संगीता सिन्हा एवं उनके पति पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा के सह पर नगर गुरुर के बाजार चौंक में निर्माणाधीन पैतालीस नग अवैध कांप्लेक्स निर्माण पर लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद बालोद कलेक्टर के आदेशानुसार पुलिस प्रशासन की पूरे चाक चौबंद व्यवस्था के साथ अनुविभागीय अधिकारी गुरुर पूजा बंसल के नेतृत्व में प्रशासन ने शुक्रवार को तड़के 5.30 बजे से 9.30 बजे के बीच बुलडोजर चला कर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करते हुए सभी अवैध निर्माण को नेस्तनाबूत कर दिया। इस दौरान अतिक्रमण हटाने पूरा प्रशासनिक अमला बाजार चौंक गुरुर में मुस्तैद रहा। वहीं नगर गुरुर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था तथा परिस्थिति से निपटने प्रशासन ने चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनाती कर रखा था। हालांकि विधायिका संगीता सिन्हा एवं उनके पति पूर्व विधायक भैय्या राम सिन्हा ने किए जा रहे प्रशासनिक कार्यवाही का अपने समर्थकों के साथ मिलकर पुरजोर विरोध किया, लेकिन उनके विरोध का कार्यवाही पर कोई असर नही हुआ। वहीं प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यवाही की भनक लगते ही नगर गुरुर सहित आसपास के गांवों के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
प्राप्त जानकारी अनुसार बालोद जिले के संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र में विगत पांच वर्षों तक अराजकता एवं आतंक का मौहाल निर्मित रहने की बात बताया जा रहा है। जानकारों ने बताया कि उस दौरान सत्ता मद में मदहोश सत्तापक्ष के लोगों के द्वारा वो हर एक असमाजिक कृत्य किया गया जो सभ्य समाज के लिए हमेशा घातक साबित हुए है। चाहे मामला सामाजिक बुराई जुआ सट्टा, अवैध शराब बिक्री का हो, चाहे अवैध रूप से रेत, मुरूम, पत्थर उत्खनन का हो या फिर दबंगई पूर्वक अतिक्रमण कर अवैध निर्माण कर शासकीय भूमि पर कब्जा करने का हो, हमेशा असामाजिक तत्वों के द्वारा अवैध गतिविधियों का बोलबाला होने की बात बताया जा रहा है। अवैध गतिविधियों का विरोध करने वाले जागरूक लोगों को सत्ता सरकार के हुनक के चलते साम , दाम, दंड, भेद का इस्तेमाल कर कुचल दिए जाने की जानकारी मिला है।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद संजारी बालोद विधान सभा क्षेत्र के लोगों को उपरोक्त अवैध गतिविधियों से मुक्ति मिलने की आश बंधी थी, जिसकी शुरुआत शुक्रवार को सुबह प्रशासन द्वारा अवैध रूप से किए जा रहे अवैध निर्माण को धरासाई करते हुए देखने को मिला। उपरोक्त कार्यवाही से आम लोगों ने खुशी जाहिर किया है। वहीं उक्त अवैध रूप से निर्माणाधीन कांप्लेक्स से लाभान्वित होने वाले व्यापारियों में मायूसी देखने को मिला। वहीं नगर गुरुर में समाचार लिखे जाने तक गहमा गहमी का मौहाल बना हुआ है।